218 6.5.1945 अपनी हिम्मत ओर कर्तृता के सहारे देश के लिए जो करना है वह हम अपने बल पर करेंगे - परेल (मुंबई) - Page 448

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खुला अधिवेशन

शनिवार दिनांक 5 की शाम कोखुले अधिवेशन की शुरूआत हुई। चारों ओर पर्दे तने मैदान में दोपहर ही से लोग इकट्ठा होने लगे थे। दरवाजे के पास टिकटखरीदने वालों की लंबी कतारे लगी हुई थीं। अधिवेशन का कामकाज शुरू होने के समय में मैदान में करीब 40 हजार से अधिक लोग उपस्थित थे।

मैदान के एक ओर बड़ा मंच बनाया गया था। उसके बीचों-बीच सुंदर कमान पर भगवान गौतम बुद्ध का शांत, गंभीर चित्र बनाया हुआ था। हिंदुस्तान की सामाजिक विषमता पर हमला करने वाले देशव्यापी आंदोलन के संस्थापक के रूप में अस्पृश्य समाज गौतम बुद्ध का बहुत सम्मान करता है।

मंच पर विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधि अपने प्रांत की पोषाक पहने बैठे थे। सबका पहनावा अलग-अलग था। प्रांतीय विधिमंडल में और म्यूनिसिपालिटी आदि संस्थाओं में चुने गए अस्पृश्यों के प्रतिनिधि वहां दिखाई दे रहे थे। इसी प्रकार, गांवों में या शहरों में बेहद बुरी हालत में रह कर निस्वार्थ भाव से अपने देश-बंधुओं की सेवा करने वाले अन्य युवा और वृद्ध कार्यकर्ता भी वहां दिखाई दे रहे थे।

पहले मराठी, हिंदुस्तानी, तमिल आदि विभिन्न भाषाओं में स्वागत गीत गाए गए। गीत गाने के लिए बूढ़े, युवा महिला, पुरुष आदि में मानों होड़ लगी हुई थी। समयाभाव के कारण कई कवियों को गीत गाने का मौका मिला नहीं। कई युगों की गुलामी की यातनाओं की प्रतिध्वनियां इन गीतों में गूंज रही थीं। साथ ही इस गीतों में व्यक्त हो रहा था संगठन के कारण निर्माण हुआ अपार आत्मविश्वास, लक्ष्य की निश्चितता और उसे प्राप्त करने का जुझारू निश्चिय। अस्पृश्य जनता की एकता और सामर्थ्य को प्रतीक के रूप में डॉ. बाबासाबहेब अम्बेडकर और दलित फेडरेशन के प्रति व्यक्त होने वाली भक्ति में गाने वालों के साथ-साथ अनगिनत श्रोताओं का दिल भी गर्व से भर भर आता था।

फेडरेशन के महा सचिव श्री पी.एन राजभोज ने पिछले वर्ष किए गए काम की रिपोर्ट परिषद के सामने पेश की। स्वागत समिति के महासचिव श्री एस.बी. जाधव ने अधिवेशन के लिए आए शुभ संदेश पढ़े। उनमें रिजर्व बैंक के गवर्नर सी. डी. देशमुख आईसीएस, मुंबई के मेयर डॉ. आल्बन डिसोजा, सिटी इंजीनियर मोडक, नेशनल बार फ्रंट के सर रुस्तम मसाणी, मुंबई के गवर्नर के सलाहकार म. मदन आईसीएस और टाँटन आईसीएस, सर कावसजी जहांगीर, मुंबई प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री बाबासाहेबखेर, असम के पूर्व मंत्री श्री सेखिया, मद्रास जस्टिस पार्टी के के.ए.पी. विश्वनाथन, कानपुर के प्रादत्त

  1. लोकयुद्धः 13 मई, 1945