435
219
हमें जातीय बहुमत नहीं- राजनीतिक बहुमत चाहिए
6 मई, 1045 को मुंबई में होने वाले अखिल भारतीय शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के अधिवेशन के लिए डॉ. बाबासाहबे अम्बेडकर ने ‘विशेष’ भाषण अंग्रेजी में तैयार किया था। अधिवेशन में उन्होंने घोषणा की थी कि उनके अंग्रेजी भाषण का मराठी अनुवाद लोग ‘जनता’ में पढ़ सकेंगे। उनके अंग्रेजी भाषण का ‘जनता’ में प्रकाशित अनुवाद इस प्रकार था- सम्पादक
‘‘ऑल इंडिया शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के इस अधिवेशन में आपने मुझे आंमत्रित किया इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। अल्पावधि में ही फेडरेशन की इस अपार वृद्धि को देख कर कोई भी अचंभित होगा। अखिल भारतीय शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन को ही अपनी एकमेव प्रतिनिधि संस्था बनाने के उद्देश्य से प्रेरणा पाकर हिंदुस्तान के सभी अस्पृश्य समाज फेडरेशन के झंडे के नीचे इकट्ठा हुआ है।
कम समय में ही फेडरेशन की इस अपार वृद्धि का रहस्य वे ही समझ सकते हैं जो ईमानदारी से यह जानते और मानते हैं कि अस्पृश्यों की उन्नति की राह में कई अड़चने हैं जो उनकी उन्नति की राह में प्रतिरोधखड़े करती हैं। अन्य राजनीतिक दलों के लोगों के द्वारा हमारे लोगों को झूटे प्रलोभन देकर झांसे में लेने की जान-बूझकर कोशिशें की जाती हैं। हमारे लोगों में इतना अज्ञान भरा है कि वे यह नहीं भांप सकते कि वे किस आपातकाल में हैं। साथ ही वे यह भी समझ नहीं सकते कि राजनीतिक उद्देश्यपूर्ति के लिए संगठन का कितना महत्व है। आंदोलन के जो साधन हमें उपलब्ध हैं वे बेहद टुटपूंजिए हैं। इस कारण हमारी स्थिति बेहद दयनीय है। आंदोलन के लिए जरूरी धन हमारे पास नहीं है। हमारे पास कोई अखबार नहीं। हमारे लोगों पर पूरे हिंदुस्तान में अमानुष अत्याचार ढाए जाते हैं, दमन नीति अपनाई जाती है लेकिन अन्य अखबारों में उसे बिल्कुल प्रसारित नहीं किया जाता। इतना ही नहीं, हमारी सामाजिक और राजनीतिक सोच और राय को कायदे से दबाने के लिए ये अखबार षडयंत्र रचाते हैं। हमारे लोगों के बीच जागृति लाने के लिए और उनकी मदद करने के लिए जो साधन सामग्री चाहिए, उसके लिए हमारे पास पैसा नहीं।
हमें इन सभी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, हमारे लोगों की अपार मेहनत के कारण तथा निस्वार्थ भाव के कारण ही आज फेडरेशन का इतना विस्तार हुआ है। मुझे यकीन है कि आप लोगों को मुझसे यह उम्मीद है कि फेडरेशन की मुंबई शाखा के अध्यक्ष श्री गणपत महादेव जाधव द्वारा किए गए कार्य के लिए मैं