25
अस्पृश्यों के नेताओं की तुलना में हरी की काबिलियत अधिक लगी। लेकिन आपको इसकी परवाह करने की जरूरत नहीं। एक बार युद्ध शुरू करो तो रोने-धोने का कोई काम ही नहीं होता। सूरत में डॉ. सोलंकी की उम्मीदवारी के समय भी उन्होंने यही बात दोहराई। कांग्रेस ने डॉ. सोलंकी के खिलाफ एक चपरासी को चुनाव में उतारा था। इन सभी बातों पर अगर गौर करें तो लगता है कि पिछले चुनावों में हमारी जो जीत हुई वह आला दर्जे की थी। घडि़याल के मुंह से निकाल कर लाई हुई यह एक दिव्य मणि है। जाहिर है कि हमने जो विजय पाई वह हमारी आखरी विजय नहीं है। केवल चुनाव में जीत हासिल करने से ही आंदोलन का कार्य पूरा नहीं होता। नए विधि मंडल का कार्यकाल पांच वर्ष का होता जरूर है लेकिन इस अवधि के दौरान भी उसे भंग करने का अधिकार गवर्नर को होता है। ऐसा मौका कब आए यह कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिए मध्यवधि चुनावों के लिए हमारे पक्ष को हमेशा पूरी तरह तैयार रहना चाहिए और सूचना मिलते ही पांच मिनटों में हमें चुनाव संग्राम के लिए सिद्ध रहना होगा। स्वतंत्र लेबर पार्टी ने आज बहुजन समाज के मन में जिस आत्मविश्वास का निर्माण किया है उसे बनाए रखने का एहतियात हम सभी को बरतना होगा। वह बेहद जरूरी है। पक्ष संगठन को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह पक्ष की शाखाएं स्थापन की जानी चाहिएं। फिर से अगर कांग्रेस के साथ भिड़ने की जरूरत पड़ी तो हमारे पक्ष की ताकत और उत्साह पहले से अधिक हुआ है यह बात हमें दुनिया को बतानी होगी।
चलते-चलते आज के हालात के बारे में दो शब्द कहना जरूरी है ऐसा मुझे लगता है। आप जानते हैं कि राजनीति के क्षेत्र में आज हर तरफ ठंडा वातावरण है। राजनीति के सभीखेल बंद हुए हैं। सब ओर विक्षोभ पैदा करने वाले हालात हैं हालांकि हम किसी तरह उनके लिए जिम्मेदार नहीं। राजनीति में अल्पसंख्यक पक्ष आगे बढ़ कर कुछ कर नहीं सकता। विधि मंडल में जाकर लोगों के हित में कुछ करने की अपनी जिम्मेदारी अगर हम पूरी नहीं कर पाते तो जिन्होंने यह विपरीत स्थिति पैदा की वे ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे। आज भले राजनीति केखेल बंद हुए हों, जिस दिन वे शुरू होंगे उस दिन के लिए हमारी तैयारी मजबूत ढंग से पूरी है। हम जो कानून लाना चाहते हैं वे पिस्तौल में लदी गोलियों की तरह हमारे पास तैयार हैं। निशाना साधते ही हम अपनी बंदूक चलाने वाले हैं। आज भले चारों ओर निशाना का वातावरण हो जल्द आशापूर्ण स्थितियां तैयार होने वाली हैं। आप बिल्कुल निराश ना हो। में आपको आश्वासन देता हूं कि प्रांतीय विधि मंडल में आपकी ओर से जो लोग चुन कर गए हैं वे आपके हित के लिए हमेशा जागरूक रहेंगे।
अन्य पक्षों से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को अपना पक्ष छोड़ कर कांग्रेस में शामिल होने का मन हो रहा है। लेकिन हम कभी भी दुर्बलों की तरह कांग्रेस में जाकर