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जातियां और उनके संविधान समिति में पदों का बंटवारा सप्रू हितसंबंध क्रिप्स योजनानुसार योजनानुसार 1 2 3 हिंदू 77 51 मुसलमान 50 51 अस्पृश्य समाज 15 20 सिक्ख 3 8 भारतीय ईसाई 2 7 एंग्लो इंडियन 1 2 यूरोपीयन 6 1 आदिवासी जनजातियां 2 3 विशिष्ट हितसंबंध - 16 अन्य 2 1 कुल 158 160
संविधान समिति की रचना में सप्रू कमेटी ने हर समुदाय के लिए केवल आंकड़े ही सुनिश्चित नहीं किए हैं बल्कि हिंदू-मुसलमानों को समान स्तर पर ले आए हैं। उस फर्क के बारे में संविधान समिति द्वारा ऐसा कारण बताया गया है, कि- चूंकि मुसलमानों को इतनी बड़ी देन मिली है इसलिए संविधान समिति के चुनाव संयुक्त मतदान पद्धति के अनुसार होने चाहिए। इस संदर्भ में यह कहना बिल्कुल ठीक है कि सप्रू कमेटी क्रिप्स योजना समझ नहीं पाई है। क्रिप्स में संयुक्त मतदान प्रणाली को अपनाया गया है। उसकी एक उप-धारा के अनुसार ‘प्रांतीय विधिमंडलों में से कनिष् मंडलों के (Lower Houses) सदस्यों के लिए मतदान का केवल एक ही कमरा हो।’ इसी बात को अलग शब्दों में इस तरह भी कहा जा सकता है कि संयुक्त मतदान प्रणाली से मतदान कराने के लिए सप्रू कमेटी ने एक समुदाय को बेवजह ही कुछ दिया है और अन्य समुदायों को संकट में डाल दिया है।
क्रिप्स योजना के अनुसार जो सदस्य उपस्थित हैं और जिन्होंने मतदान किया है उनके बहुमत पर ही संविधान समिति का निर्णय निर्भर करेगा।