222 4.10.1945 अपनी उन्नति की खातिर हमें देश को मिलने वाली सत्ता में शामिल होना चाहिए - पुणे - Page 494

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हुई। पहले अस्पृश्य समाज के एक माननीय नेता, मद्रास के रा. ब. श्री निवासन की मृत्यु पर अध्यक्ष द्वारा शोक प्रस्ताव रखा गया और उनके बहुमूल्य कार्य की प्रषंसा की। सबने

खड़े रह कर प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसके बाद अब तक हुई उन्नति का सिंहावलोकन किया गया, आज के वैश्विक हालत और हिंदी राजनीति के बारे में सोच-विचार किया गया। इन दोनों के परिप्रेक्ष में पक्ष की अगली नीति की स्थूल रूपरेखा बनाई गई। उसके बाद कमेटी का उस दिन का कामकाज समाप्त हुआ। बाद में षाम के समय मंगलवार पेठ में रा. ब. एन. शिवराज की अध्यक्षता में फेडरेशन की वार्ड कमेटी द्वारा एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। 5 हजार से अधिक लोग वहां इकट्ठा थे। व²कग कमेटी के सभी सदस्य इस सभा में उपस्थित थे। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयकार करते हुए सभा का विसर्जन हुआ। उसके बाद तुरंत भोर संस्थान के दलित फेडरेशन की ओर से दूसरी सभा हुई थी। वहां भी करीब 4 हजार लेग उपस्थित थे। उस समारोह की अध्यक्षता रा.ब. शिवराज थे। सभा में कमेटी के कई सदस्यों के भाषण हुए। लोगों का उत्साह चरम-सीमा पर था।

सभी वक्ताओं ने यही आदेश दिया कि चुनावों में विरोधी पार्टी बाजा बजा कर शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के उम्मीदवारों को ही सफलता दिलाइए। उसके बाद सभा का उस दिन का काम-काज समाप्त हुआ। उसके बाद, शाम करीब 9 बजे के आसपास अहिल्याश्रम में ही डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर रा. ब. एन. शिवराज और व²कग कमेटी के सदस्यों को बढि़या भोज कराया गया। इस प्रकार पहला दिन बड़े उत्साह के साथ बीता।

दूसरा दिन

दूसरे दिन यानी 3 अक्तूबर, 1945 के दिन सुबह 10 बजे व²कग कमेटी की बैठक रा.ब. शिवराज की अध्यक्षता में हुई जो दोपहर 3 बजे तक चलती रही। इस बैठक में प्रदीर्घ विचार-विमर्ष के बाद व²कग कमेटी ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। डॉ. बाब­ ासाहेब अम्बेडकर इस बैठक में शुरूआत से अंत तक उपस्थित रहे।

ऑल इंडिया शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन की व²कग कमेटी द्वारा पारित किए गए प्रस्तावः

पहला प्रस्तावः

ऑ.इं. शे. का फे. की व²कग कमेटी अपने पूजनीय नेता राव बहादुर आर. श्रीनिवासन की दुखद मृत्यु पर शोक प्रकट करती है। शेडयूल्ड कास्टस् के उद्धार के लिए उन्होंने जो कार्य किया वह बहुमूल्य है। उनके इस बहुमूल्य कार्य की यादें हमेशा के लिए गुणगृहकतापूर्व संजोकर बड़े दुखी अंतरकरण से घोषित करती है कि उनकी मृत्यु से हमारे समाज का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।