222 4.10.1945 अपनी उन्नति की खातिर हमें देश को मिलने वाली सत्ता में शामिल होना चाहिए - पुणे - Page 495

474 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

दूसरा प्रस्तावः

केंद्र सरकार की पुनःरचना

अंग्रेज सरकार द्वारा हिंदी केंद्र सरकार की पुनर्रचना के बारे में की गई घोशणा के बारे में ऑ.इ.शे.फे.बी. व²कग कमेटी ने काफी और सभी पहलुओं पर सोचा-विचारा है। सरकारी घोषणा के अनुसार आजाद हिंदुस्तान के लिए संविधान बनाने का सुनहरा मौका हिंदी लोगों को ही देने के बारे में प्रंबध किया जाने वाला है यह अगर सच है तो सरकार की प्रस्तुत योजना को. यह व²कग कमेटी मान्यता नहीं दे सकती।

व²कग कमेटी की राय में केंद्र सरकार के विधिमंडल की रचना प्रातिनिधिक बिल्कुल नहीं है। दुनिया में इस प्रकार का अप्रातिनिधिक विधिमंडल शायद इकलौता यही होगा। केंद्रीय विधिमंडल के चुनावों में मतदान करने के लिए इतनी योग्यताएं आवश्यक हैं कि देश के वयस्क लोगों में से नौ दशमांश (9-10) से अधिक लोगों को न्याय पूर्ण तरीके से मिला मतदान का अधिकार भी उनसे छीन लिया गया है।

इसी केन्द्रीय विधिमंडल में अनुसूचित जातियों और हिंदी ईसाइयों को कानूनन कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।

व²कग कमेटी को लगता है कि इस प्रकार अप्रातिनिधिक विधिमंडल को चुन कर, उस विधिमंडल से पुनर्रचित केन्द्र सरकार निर्माण करना यानी देश की सत्ता पूरी तरह सत्ता मंदाध गिने-चुने अप्रातिनिधिक लोगों के हवाले करने जैसा है।

अंग्रेज सरकार ने अगर तय कर लिया हो कि वह अपनी ही योजना को कार्यान्वित करेगी तो पुनर्रचित केन्द्र सरकार के कार्यकारी मंडल में शेल्यूल्ड कास्टस् को उनके न्यायपूर्ण हिस्से के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। ब्रिटिश सरकार को व²कग कमेटी की यह जोदार सूचना है।

हिंदी केन्द्र सरकार में अगर शेडयूल्ड कास्ट को सीमित प्रतिनिधित्व दिया जाने वाला हो तो इस प्रकार उनके पूर्ण प्रतिनिधित्व के न्यायपूर्ण अधिकार को अगर निरस्त किया जाने वाला हो तो ब्रिटिश सरकार का यह काम शेडयूल्ड कास्टस् के नजरिए से विश्वासघात पूर्ण ही होगा।

त् ासरा प्रस्तावः

संविधान समिति

आजाद हिंदुस्तान का संविधानखुद हिंदी लोगों के द्वारा ही बनाया जाए इस अंग्रेज सरकार की योजना का ऑ.ईं.शे.का. फेडरेशन की व²कग कमेटी स्वागत करती है। हालांकि संविधान