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शामिल हुए हैं उनकी किसी भी तरह से मदद करना अस्पृश्य समाज के साथ विश्वासघात करने जैसा है इसीलिए ऐसे लोगों से अस्पृश्य समाज हमेशा सावधान रहे।
छठा प्रस्तावः
केन्द्र सरकार की पुनर्रचना
हिंदी सेना का विसर्जन और शांतिकालीन पुनः व्यवस्था के बारे में और अस्पृश्यों की पलटन पर उस कारण होने वाले असर के बारे में व²कग कमेटी की बहुत आस्था है इसीलिए व²कग कमेटी सरकार का इस बात की ओर आग्रहपूर्वक ध्यान दिलाना चाहती है कि अखिल अस्पृश्य समाज को उम्मीद है कि आज अस्पृश्यों की जो पलटन है उसे किसी तरह का नुकसान न पहुंचे और उनकी पलटन में हर संभव बढ़ोत्तरी हो और उन्हें अधिक से अधिक रियायतें दी जाएं और साथ ही इस पलटन के लायक लोगों को अधिकार के पद पाने में सभी तरह से सहायता की जाए।
सातवां प्रस्तावः
व²कग कमेटी को इस बात का डर है कि हिंदी सेना का विसर्जन होने के बाद बाहर निकलने वाले सैनिकों का आगे ठीक से प्रंबंध करने के लिए नियुक्त ऑफिसर इन चार्ज, रिसेटलमेंट और रीहैबिलिटेशन अफसरों के पूर्वग्रह दूषित सामाजिक नजरिए के कारण रिहा किए गए अस्पृश्य सैनिकों का हित नजरंदाज किया जाएगा। इस बात की ओर सरकार का ध्यान दिलाते हुए हिंदुस्तान सरकार से विनति की जाती है कि रीसेटलमेंट और रीहैबिलिटेशन से संबंधित जो प्रबंध किए जाने हैं उनमें अस्पृश्यों को अधिकार के पदों पर योग्य अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।
तीसरा दिन
गुरूवार दिनांक 4 अक्तूबर, 1945 की सुबह पुणे के छात्र संगठन की ओर से व²कग कमेटी के सदस्य और प्रेस रिपोर्टर्स को चाय-पार्टी दी गई। उसके बाद प्रेस कॉफ्रेंस हुई। इस प्रेस कॉफ्रेंस में कई अखबारों तथा अखबार समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। जनता अखबार की ओर से ऑ.आर.डी. भंडारे, बी.ए.एल.एल.बी. उपस्थित थे। इस अवसर पर ऑ. इं.शे.का. फेडरेशन के अध्यक्ष रा.बी.एन. शिवराज ने अपनी व²कग कमेटी द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों को अखबारों के प्रतिनिधियों के आगे स्पष् किया उसके बाद संवाददाताओं के सवालों के रा.बी.एन. शिवराज ने योग्य उत्तर दिए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में व²कग कमेटी के सदस्य उपस्थित थे। उन्होंने भी संवाददाताओं के सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर प्रेस रिपोर्टर्स और व²कग कमेटी के सदस्यों को बढि़या पार्टी दी गई। बाद में दोपहर 12