501
राजनीतिक रूप से हिंदू समाज के इस प्रकार दो हिस्से करने से मुसलमानों की ही तरह अस्पृश्यों को राजनीति में अलग से अधिकार प्राप्त होंगे, यह बात गांधी और उनके पिट्ठू जानते हैं।
केंद्रीय एसेंब्ली के चुनावों के परिणामों को अभी ज्यादा दिन नहीं हुए। इन चुनावों में मुसलमान लोगों का पृथक चुनाव-क्षेत्र होने के कारण मुसलमान लोग मुश्किल लीग के तहत प्रचंड बहुमत पाकर विजयी हुए। मुस्लिम लीग से लड़ने की ताकत कांग्रेस के पास नहीं रही।
हालांकि कुछ नए पक्ष और कुछ अन्य पक्ष, जस्टिस पार्टी, हिंदू महासभा आदि सभी पार्टियों को इस चुनाव में हार हुई।
सफलता पाना न पाना भेले पूरी तरह अपने हाथ में न हो, लेकिन एक बात निर्विवाद रूप से सच है कि लड़ाई में असफलता मिलने के कारण निरुत्साहित होना नहीं चाहिए। लेकिन, कुछ दलों ने अपने आपको समेटने का निर्णय लिया।
इससे किस बात का पता चलता है? यही कि, आगामी चुनावों में असल मुकाबला केवल दो ही दलों के बीच होने वाला है और वे दो दल हैं- शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन और काँग्रेस।
इसके लिए आपको क्या करना होगा? आपको निश्चय करना होगा। बहुत बलशाली दुश्मन से हमें भिड़ना है। यह जिम्मेदारी आप सबकी है। काँग्रेस ने सबी दलों को ने स्तनाबूत करने का षड्यंत्र रचा है। सभी दलों को दबा दिया है। यह समय न तोखीर
खाने का है और न ही दो-चार रुपयों से जेब गर्म करने का है।
हमें सामना करना है, युद्ध करना है। इसके लिए आप लोगों से निश्चय, निर्धार करना होगा। निश्चय के सहारे ही हम सफलतापूर्वक हम यह लड़ाई जीत सकते हैं। चुनाव के दिन हर किसी को सुबह ही मतदान के जिस केन्द्र पर आपका नाम आता है वहां अपने आप चले जाना चाहिए।
हमारे पास न मोटरें हैं और न पैसा है। लेकिन हमारे पास निश्चय है। जहां भी इस प्रकार की सुविधान न हो वहां बिना किसी की राह देखखुद चल कर पहुंचना चाहिए और फेडरेशन के उम्मीदवार को ही अपना वोट देना होगा।
विभिन्न दल उम्मीदवारों को टिकट देते हैं। केन्द्रीय एसेंब्ली में हाल ही में काँग्रेस के टिकट पर गाडगिल चुन कर आए हैं। इसी प्रकार राजनीतिक क्षेत्र में मराठा लीग को सफलता नहीं मिलेगी यह जान कर काँग्रेस के ही टिकट पर हिरे भी चुनाव जीत चुके हैं। फिर जिसे टिकट कहते हैं उसका महत्व ही क्या है? गाडगिल के साथ यह परगाछा भी जा मिला इतना ही उसका मतलब है। किसी ने मुझे बताया कि अमृतराव रणखांबे को काँग्रेस का टिकट मिला है। सो, काँग्रेस का टिकट यानी क्या? तो-