502 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
महापालिका से कुत्ते के गले में बांधने के लिए एक तमगा दिया जाता है और वह इसलिए दिया जाता है कि उसके सहारे इस बात का पता चलता है कि उस कुत्ते का मालिक कौन है। उस तमगे की तरह ही यह काँग्रेस का टिकट होता है।
आगामी चुनावों के लिए जिन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जनता में की गई है उनके बारे में कई लोगों के मन में कई तरह के अंदाजे बांधे जा रहे हैं।
फलां उम्मीदवार को टिकट दिया गया, उस दूसरे को क्यों नहीं दिया गया यह देखना आपका काम नहीं है।
अपनी जिम्मेदारी, अपना कर्तव्य क्या है यह आपको लोगों को अच्छी तरह जानना होगा।
जिस दल की ओर से इन उम्मीदवारों कोखड़ा किया गया है उस शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन पार्टी की भूमिका क्या है? उस दल की दिशा क्या है? वह किन रास्तों को अपनाता है? उसका लक्ष्य क्या है? यह जानना आपका कर्तव्य है।
कोई यह भी पूछ सकता है कि मुंबई प्रांत के लगभग सभी जिलों में जिन्हेंखड़ा किया गया था उन्हीं उम्मीदवारों को इस बार भी टिकट क्यों दिया गया?
आप सब लोग जानते हैं कि हमें काँग्रेस के साथ चुनाव लड़ना है। कांग्रेस के पास ढेर सारा पैसा है। दो-चार हजार रुपये फेंक कर वे किसी भी उम्मीदवार को फोड़ सकते हैं। लोहे काखंभा अगर जमीन में गाड़ दिया जाए तो धूप, हवा, बारिश आदि किसी बातों का उस पर कोई असर नहीं होता। न वह झुकता है और न टूटता है। ये उम्मीदवार भी उनखंभों की तरह ही हैं। वे न तो झुकेंगे और न टूटेंगे, इसका मुझे यकीन हो गया है।
इस बार आप लोगों को एक बात ध्यान में रखनी होगी। वह यह कि, यह किसी इक्के-दुक्के की जिम्मेदारी नहीं है। हम सब की जिम्मेदारी है। अपने भाई को टिकट नहीं दिया इसलिए कोई रूठता है तो कोई इसलिए नाराज होता है कि उसके, चाचा या रिश्ते के किसी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया।
मेरे दो बेटे हैं और दोनों समाज कार्य करते हैं ऐसा कई लोगों ने मुझे बताया है। इतना ही नहीं, यह भी बताया जा रहा है कि उनमें से किसी एक को चुनावों मेंखड़ा करें। लेकिन, मेरा संकल्प है कोई मेरे बारे में यह न कह सके कि मैंने प्राप्त अधिकारों के बल पर अपने बच्चों को आगे बढ़ाया।
इन चुनावों में जिन उम्मीदवारों कोखड़ा किया गया है उनमें कुछ हद तक कमियां अगर हैं भी तो उन्हें पूरा करने की सामर्थ्य मुझमें है। जिस दिन मुझे पता चलेगा कि राजनीति की इस नौका को पार ले जाने की सामर्थ्य मुझमें नहीं है, उस दिन मैं राजनीति छोड़ दूंगा।