508 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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* कम्युनिस्टों से सावधान रहें
अध्यक्ष डीएल पाटील, महासचिव एच. डी. आवले, सचिव आर. बी. कवाडे, कोषाध्यक्ष सीताराम हाडके- औफिस, मध्य प्रांत वन्हाड शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन, अभ्यंकर रोड, सिताबर्डी, नागपूर ने सूचना-पत्र निकाला था-
‘12 दिसंबर, 1945 की शाम को नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का सार्वजनिक भाषण होगा। आगामी चुनावों के संदर्भ में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अस्पृश्य जनता को उद्देश्य कर सार्वजनिक दिव्य संदेश देंगे।
‘इस दिव्य संदेश को सुनने के लिए अस्पृश्य भाईयों और बहनों, हजारों लाखों की संख्या में सभा में उपस्थित हों। फेडरेशन के चुनावों के लिए डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को इस कार्यक्रम में थैली अर्पण की जाएगी। विनति है कि इस कार्य में सभी भाई-बहन और हर जिले के फेडरेशन के कार्यकर्ता पूरी सहायता दें। साथ ही सभी का सभी छोटे-बड़े गांवों में प्रचार करें ताकि बड़ी संख्या में लोग सभा में उपस्थित हों। सभी में प्रवेश के लिए टिकट रखा गया है। 1945-46 के लिए जो चार आने देकर फेडरेशन के प्राथमिक सदस्य बनेंगे उन्हीं को कार्यक्रम के टिकट मिलेंगे। कुर्सी-पहला वर्ग 3 रुपये, कुर्सी-दूसरा दर्जा 2 रुपये, दर्शक 8 आने, महिला-चार आने। टिकट फेडरेशन के दफतर में मिलेंगे।
सूचनानुसार नागपुर में 12 दिसंबर, 1945 की शाम को हुई सभी में करीब एक लाख लोग उपस्थित थे। उनमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। चुनाव प्रचार की उससे पहले हुई सभाओं की तुलना में यह सभा बहुत बड़ी थी।
शाम को डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर रायपुर से यहां आए। उनके स्वागत के लिए स्टेशन पर बहुत बड़ा जनसमुदाय इकट्ठा हुआ था। स्टेशन से लेकर कस्तुरचंद पार्क तक सड़क के दोनों तरफ हजारों लोगों की कतारें बंधी थीं। समता सैनिक दल का भीड़ पर अच्छा नियंत्रण था।
उनके चुनावी दौरे की यह आखिरी सभा थी। यहां आने से पूर्व वह वन्हाड के अकोला शहर तता महाकौशल के रायपुर शहर हो आए थे।
भाषण की शुरूआत में ही डॉ. बाबासाहेब ने बताया कि सभी दलों को स्वराज चाहिए। उन्होंने कहा-
मतभेद केवल एक मुद्दे को लेकर ही है और वह है कि अंग्रेज हिंदुस्तान छोड़ कर
* जनताः 8 और 22 दिसम्बर, 1945