231 23.12.1945 अस्पृश्य लोगों को चुनाव में बेहद सावधान रहना होगा - मद्रास - Page 532

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* अस्पृश्य समाज को चुनावों में बेहद सावधान रहना होगा

23 दिसंबर, 1945 की दोपहर 1.30 बजे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मुंबई से ‘मद्रास एक्स्प्रेस’ से मद्रास प्रांत के दौरे के लिए निकले। दूसरे दिन शाम को वह मद्रास स्टेशन पहुंचे। डॉ. बाबासाहेब के साथ थे ऑल इंडिया शेडयूल्ड कास्टस फेडरेशन के महासचिव श्री पी. एन. राजभोज भी थे। मद्रास स्टेशन में हजारों अस्पृश्य भाइयों ने डॉ. बाबासाहेब का हर्षोउ८ास अंतःकरण से अपूर्व स्वागत किया। मद्रास कार्पोरेशन के मेयर और ऑल इंडिया शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के अध्यक्ष रा. ब. एन. शिवराज ने मद्रास प्रांत की और से डॉ. बाबासाहेब का सम्मान किया। समता सैनिक दल के सैंकड़ों सैनिकों ने डॉ. बाबासाहेब को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। ‘पूना करार का निषेध है’ के नारे लगाए गए। डॉ. बाबासाहेब के आने से मद्रास प्रांत में नई चेतना का संचार हुआ।

25 दिसंबर, 1945 को मद्रास में अस्पृश्य वर्ग की विराट सभा में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का ‘आगामी चुनाव और अस्पृश्य समाज के कर्तव्य’ विषय पर चिंतनयोग्य और बोधपूर्ण भाषण हुआ। अपने भाषण में डॉ. बाबासाहेब ने कहा,

‘‘आगामी, निकट आ रहे प्रांतीय चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस बार जो चुनाव जीतेंगे, हिंदुस्तान का भावी संविधान बनाने का अधिकार भी मिलेगा। इसीलिए इस चुनाव में अस्पृश्य समाज को बेहद जागरूक रहना होगा। किसी के और किसी भी तरह के लालच का शिकार हुए बगैर अपना असली हित साधने वाले प्रतिनिधियों को जिताना यही आज अस्पृश्यों का कर्तव्य है। ब्रिटिश हिंदुस्तान में हमारा समाज 6 करोड़ के आस-पास है और पिछले दो हजार सालों से अन्य लोगों ने हमें बेहद बुरी स्थितियों में जीने पर मजबूर किया है। हमें इस गर्त से केवल शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन संस्था ही बाहर निकाल सकती है। ‘‘काँग्रेस ही स्वराज है’’ जैसी छलावे में डालने वाली घोषणाओं के शिकार न बनें। स्वराज आने के बाद बी उसमें हमें अस्पृश्यों कितना हिस्सा मिलेगा यही बड़ा चिंता का विषय।

काँग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र एक ढोंग है, ढकोसला है। इस घोषणा पत्र में किसानों और मजदूरों को दिलाए जाने के बारे में विचाराधीन विषयों की सूची है। लेकिन उसमें अस्पृश्यों के अधिकारों का जिक्र तक नहीं किया गया है।

काँग्रेस से केवल एक ही बात सीखने लायक है- उनके पक्ष का अनुषासन। आप सब लोग अगर फौलादी अनुशासन में बद्ध होकर शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के झंडे के नीचे आएं तो आपकी उन्नति सुनिश्चित है।

* जनताः 29 दिसम्बर, 1945