104 14.8.1937 संगठन बना कर स्वतंत्र लेबर पार्टी को बलवान बनाओ - अज्ञात - Page 56

35

104

* संगठन बना कर स्वतंत्र लेबर पार्टी को बलवान बनाओ

(डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का यह भाषण 14 अगस्त, 1937 के ‘जनता’ में अग्रलेख की जगह छपा है। इसमें भाषण कब और कहां हुआ इसका जिक्र नहीं है। -संपादक)

प्रिय भाइयों,

आपकी आज की सभा में उपस्थित रहने में मुझे बेहदखुशी है। स्वतंत्र लेबर पार्टी को व्यवस्थित रूप देने तथा अपने लोगों का संगठन करने के लिए आपने जो यह उपाय किया है वह बेहद महत्वपूर्ण और स्तुल्य है।

छः माह पूर्व हुए एसेंब्ली इलेक्शन का अगर हम सिंहावलोकन करें तो हमारे लोगों ने जो हासिल किया है उसमें मुझे धन्यता महसूस होती है। क्योंकि उस वक्त हमारा मुकाबला बेहद प्रभावशाली और अमीर काँग्रेस पार्टी के साथ था। काँग्रेस ने ठान ली थी कि स्वतंत्र लेबर पार्टी के एक भी उम्मीदवार को वह जीतने नहीं देगी। हमारे उम्मीदवारों को हराने की काँग्रेस ने जी-जान से कोशिश की थी। ऐसे मुश्किल हालात का मुझे सामना करना पड़ा। अन्य प्रांतों को देखें तो पता चलता है कि सबने काँग्रेस के सामने घुटने टेके हैं। पूरे हिन्दुस्तान में काँग्रेस के साथ भिड़ने के लिए अकेला मैं हीखड़ा हुआ और मैं उसमें सफल भी हुआ। लेकिन यह बात भी सच है कि आप लोगों का साथ नहीं होता तो ऐसी जीत हासिल करना संभव नहीं था। आप जानते ही हैं कि उस वक्त हममें से कुछ लोग काँग्रेस के शिकार हुए थे। लेकिन उसके बावजूद उस समय हमने बड़ी जीत हासिल की थी। काँग्रेस के लोग भी इस बात को मानते हैं। उस समय पूरे हिन्दुस्तान में काँग्रेस को केवल तीन ही जगहें महत्वपूर्ण लगती थीं। डॉ. वाड की मुंबई युनिवर्सिटी की जगह, लोकशाही स्वराज पार्टी के सर्वेसर्वा श्री लक्ष्मण बलवंत भोपटकर की पुणे की जगह और तीसरी स्वतंत्र लेबर पार्टी की मुंबई की मेरी जगह। इनमें से पहली दो जगहें काँग्रेस पा सकी लेकिन तीसरी मेरी जगह वे नहीं ले पाए। सो काँग्रेस को भी हमारे सामर्थ्य का अहसास हो चुका है। इलेक्शन से पहले स्वतंत्र लेबर पार्टी का नाम तक लेने जो बल्भ भाई पटेल तैयार नहीं थे उन्होंने इलेक्शन के बाद शनिवार वाडे के सामने मंत्रियों द्वारा पद स्वीकारने के लिए बुलाए गए आयोजन में साफ-साफ कहा कि डॉ. अम्बेडकर का स्वतंत्र लेबर पार्टी बहुत महत्वपूर्ण पक्ष है और काँग्रेस को

* जनताः 14 अगस्त, 1937