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लोगों ने चुनाव लड़ाने की मशक्कत तो आखिर क्यों की? ध्यान में रखिए, इस प्रकार अगर आप इन लोगों के भरोसे रहे तो बीच भंवर में डूब जाएंगे।’’
महात्मा गांधी की काँग्रेस में चार आने की भी भागीदारी नहीं है लेकिन काँग्रेस के लोग उनके सभी फतवे काँग्रेस के लोग मानते हैं। सो उन्हें इस बारे में कुछ करना चाहिए, वे क्यों नहीं करते? लगता तो यही है कि वे हमारे बारे में कुछ करना ही नहीं चाहते। इसीलिए हमारे संगठित होने की जरूरत है। एक और बात भी मैं आपसे कहना चाहता हूं और वह यह कि काऊसिता में शरीक होना आसान काम नहीं है। उसके लिए गृहस्थी छोड़नी पड़ती है। इलेक्शन काखर्चा जबरदस्त होता है। उसे उठाना हमारे उम्मीदवारों के लिए संभव नहीं होता। कहना होगा कि पिछले इलेक्शन मेंखड़े कई उम्मीदवारों की मुझे आर्थिक मदद करनी पड़ी तब जाकर वह चुनाव जीत पाए। लेकिन इस तरह मैं हर बार हरेक की मदद नहीं कर पाऊंगा। उम्मीदवारों के लिए भी अपना
खर्चाखुद उठाना संभव नहीं हो पाता। इसलिए आप अगर अपनी तरफ से अच्छे लोगों को काउंसिल में भेजना चाहें तो उनकाखर्चा आपको उठाना होगा। पिछले इलेक्शन में काँग्रेस की ओर से जो उम्मीदवारखड़े थे उनका सभीखर्चा काँग्रेस ने ही दिया था। अकेले मुंबई शहर में काँग्रेस ने इलेक्शन को दिन हजारों रुपएखर्च किए थे यह ध्यान में रखने लायक बात है।
मैं आपसे बस इतना ही कहना चाहता हूं कि इस संस्था को आप हर तरह से समर्थन दें। इसे काँग्रेस की तरह ही बलवान पक्ष बनाएं। मुंबई में हमारी जनसंख्या एक लाख से अधिक है। सौ, कम से कम एक लाख लोगों को इसका सदस्य बनाएं।
इस संस्था का सालाना शुल्क केवल आठ आने रखा है जो कि बहुत कम है और हर कोई भर सकता है। काँग्रेस के साथ अमीर लोग हैं उस तरह आपके साथ कोई नहीं है। आपकोखुद अपनी गृहस्थी सम्भालनी होगी। विलायत में भी पार्लियामेंट में मजदूर पक्ष है। लेकिन वे भी इसी प्रकार चंदा इक्ट्ठा कर चुनाव लड़ाते हैं। हर पार्टी को अपने अखबार की बेहद जरूरत होती है। अखबार के बिना हम काम नहीं कर सकते। इसीलिए हमारी पार्टी का ‘जनता’ अखबार बढि़या ढंग से चलना जरुरी है। आप सभी को उसका चंदा देकर सदस्यत्व लेना चाहिए। आप जिन प्रतिनिधियों को चुनाव जिता कर काउंसिल में भेजते हैं वे वहां जाकर क्या करते हैं इसकी जानकारी आपको अखबारों से ही मिलेगी। इसीलिए आप सभी को ‘जनता’ के सदस्य जरूर बनना चाहिए। कुछ लोग अन्य अखबार
खरीद कर पढ़ते हैं। क्योंकि उसमें सट्टे के नंबर और भविष्य दिया जाता है। सट्टाखेल कर किसी का भला नहीं होता और अखबारों में छापे भविष्य सच साबित नहीं होते। हमारे अखबार के अलावा अन्य किसी अखबार में आपको अपनी पार्टी के कायक्रमों और आन्दोलन की सही दिशा की जानकारी नहीं मिलेगी। इसके लिए और अपनी पार्टी