107 6.11.1937 कानून ऐसे बनवा लें कि बहुजन समाज के साथ अन्याय न हो - मसूर (सातारा) - Page 72

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इसी तरह कांग्रेस के लोग वतन की बात को लेकर आपको गलतफहमी में डालेंगे। गांवों में आपकी कम बस्तियां होती हैं। आपका उदरनिर्वाह वहां के स्पृश्यों की मर्जी पर निर्भर होता है। इसीलिए, आपको भगा देने के लिए पहले वे आपको असमंजस में डालेंगे। आप उनकी बातों में नहीं आना। दीवाली में महार महिला गांव के मुखिया की आरती उतारने जाएगी और कहेगी कि ‘‘बली का राज्य आना चाहिए।’’ असल में आज तक बलि के काफी राज्योपभोग किया है। इसलिए क्यों न पाटील की पत्नी आकर महार की आरती उतारे? दशहरे के दिन महार आपटा (वृक्ष, जिसके पत्ते देकर दशहरे में एक-दूसरे के लिए संपन्नता की प्रार्थना की जाती है) ले आए और पाटील उसे लुटाए। क्यों न पाटील आपटा ले आए? पंचायत आदि के कामों की सूचना देकर लोगों को बुलाने के लिए महारों को भेजा जाता है लेकिन महार को पंचायत में बैठने का अधिकार नहीं, क्यों? मृत्यु की सूचना पोस्ट या तार के जरिए न भेजकर महार को उसके लिए क्यों दौड़ाया जाता है? आज तक मैंने केवल दो बातों को लेकर हिदायतें दी हैं- (1) मृत प्राणियों का मांस नखाना, (2) जूठन नहींखाना। रोटी मांग कर ले आने की प्रथा के मैं खिलाफ हूं। औरों की तरह ही हम भी इंसान हैं फिर रोटी के लिए हम स्वाभिमान शून्य कैसे बनें?

ऐसे हालत में मैं आपको यह सलाह कैसे दे सकता हूं कि आप लोगों से रोटी की भीख मांगो। यहां आई महिलाओं से मैं कहना चाहता हूं कि जन्म देने के बाद आप अपने बच्चों का ख्याल रखने, स्पृश्य समाज के बच्चों की तरह उन पर संस्कार कर पढ़ाई की ओर उनका ध्यान दिलाने के बजाय उनसे भीख क्यों मंगवाते फिरते हैं? आप इंसान हैं। स्पृश्य समाज के बच्चे पढ़-लिख कर नाम कमाते हैं, आप उनकी तरह अपने बच्चों को शिक्षा क्यों नहीं दिलातीं? मेरे बताए अनुसार अगर यहां के लोग बरतने लगे तो मुझेखुशी होगी।

इस सभा में पुणे से आए मे. सूबेदार घाटगे बंधु, मधाले, अण्णा पोतनीस, डिखले बंधु, बोराले, पानसरे, गायकवाड, घोटके आदि कई लोग उपस्थित थे। सभा में- 1. महार वतन बिल को समर्थन_ 2. लोकल बोर्ड के कुएं महारों की बस्ती के करीब बनवाना, 3. जमींदारी पद्धतिखत्म करने वाले बिल को समर्थन_ 4. मिलिट्री गोलाबारी के कारण महार लोगों को होने वाली तकलीफ दूर करें या उसके लिए उन्हें वेतन दिया जाए जैसे प्रस्ताव पारित किए गए। आखिर फूलमालाएं और गुलदस्ते देने के समारोह के बाद सभा बरर्खास्त हुई।