52 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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* मैंने जो कुछ कमाया है वह पूरे अस्पृश्य समाज के लिए है
रविवार दिनांक 7 नवम्बर, 1037 को रात 8 बजे भवानी पेठ, पुणे की भंगी बस्ती की अस्पृश्य समाज के इकलौते नेता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने दौरा किया। मि. भोले, मे.खंडेराव सखाराम सावंत, मे. सूबेदार, आर. एस. घाटगे साहब, मे. रावजी दगडूजी डोलस, मे. के. गायकवाड मे. एस. थोरात, मे. शांताराम पोतनीस, मे. के. आर. मधाले, मे. एस. गायकवाड आदि प्रमुख लोग इस अवसर पर उपस्थित थे। महार, मांग, भंगी जनसमुदाय भी बड़ी संख्या में उपस्थित था। डॉ. बाबासाहेब की गाड़ी आते ही जय-जयकार के साथ उनका स्वागत किया गया। पहले, भंगी समाज के मशहूर गायक कासम युसूफ ज्ञानज्योत ने साथियों के साथ मधुर संगीत प्रस्तुत किया। उसके बाद भंगी समाज के युवा कार्यकर्त्ता में विट्ठलदास अलीभाई चव्हाण ने भंगी समाज की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। फलशिंग शौचालयों के कारण पैदा हुई बेकारी के बारे में डॉ. अम्बेडकर को बताया। उसके बाद भंगी समाज की ओर से डॉ. अम्बेडकर के स्वागत में उन्हें पुष्पमलाएं अर्पण की गईं। उनके बाद हरिजन हितचिंतक मंडल द्वारा चलाए जा रहे मुफत पुस्तकालय की ओर से मंडल के संयुक्त सचिव मे. किसन तुकाराम भोसले ने मंडल और पुस्तकालय की जानकारी दी और पुस्तकालय की ओर से डॉ. अम्बेडकर को पुष्पहार अर्पण किया।
इसके बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अपनी अमृतमय वाणी से वहां इक्ट्ठा लोगों को तृप्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जो भी कमाया है वह केवल महारों के लिए नहीं है, वह समूचे अस्पृश्य समाज के लिए है। जिस प्रकार हम ब्राह्मणों के साथ मिल-जुलकर बरतते हैं उसी प्रकार महार भंगी और मांगों के साथ मिल-जुलकर पेश आएं। वरना मैं महारों के लिए कुछ नहीं करूंगा। साथ ही, भंगी समाज जैसे कहेगा वही मैं करूंगा।’’
* जनताः 20 नवम्बर, 1937