56 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
साथ विधिमंडल में बैठने का, उनके साथ सोच-विचार करने का मौका हमें मिला। यह सब प्राप्त करने के लिए मैं केवल निमित्त मात्र था ऐसा मुझे लगता है। दूसरी बात, श्री भाऊराव गायकवाड जैसों की सहायता ना मिलती तो मैं अकेला कुछ नहीं कर पाता। आज जनता मुझे अपने जिन कामों के लिए धन्यवाद दे रही है उनमें से 80 प्रतिशत हिस्सा श्री गायकवाड का है। यहां इस बात को दर्ज करने में मुझे कोई दिक्कत महसूस नहीं होती। ऐसे सभी तरह से लायक नेता का आज यहां मानपत्र देकर जो सम्मान किया जा रहा है वह मेरी नजर में योग्य और अपूर्व है।
इस अवसर पर हमारे आंदोलन के बारे में दो शब्द बताने में कोई हर्ज नहीं ऐसा मुझे लगता है। हिन्दुस्तान में राष्ट्रीय काँग्रेस को बड़ी मजबूत संस्था माना जाता है। इसके बावजूद मैंने स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना क्यों की? इसकी एक ही वजह है और वह यह है कि काँग्रेस में पूंजीपतियों की संख्या काफी है। वे अपना हित करवाने की जगह गरीबों का, कामगार का और किसानों का हित कभी नहीं कराएंगे। इसी प्रकार कामगारों में एक और पक्ष निर्माण हुआ है। इन लाल झंडे वालों के आंदोलन से श्रमिकों का आज के हालात में हित होगा या नहीं इस बारे में मुझे शक हैं इसीलिए हमें नए स्वतंत्र लेबर पक्ष की स्थापना करनी पड़ी। पिछले मुम्बई प्रांत के एसेंब्ली चुनावों में हमारी पार्टी की ओर से नासिक जिले से श्री भाऊराव गायकवाड को हमारी पार्टी की ओर से उम्मीदवार चुना था और उन्होंने काँग्रेस को टक्कर दी थी। इस चुनाव में काँग्रेस का उम्मीदवार जीता लेकिन दोनों उम्मीदवारों की मत संख्या में केवल 250 का अंतर था। काँग्रेस के उम्मीदवार को 16900 मत मिले थे और भाऊराव को 16650 मत मिले थे। लेकिन मेरी राय में यह गलत हिसाब है। क्योंकि हममें से एक व्यक्ति ऐन समय पर फिर गया। इस अवसर पर उसका नाम लेना भी मुझे गंवारा नहीं। उसे 4000 मत मिले। इस प्रकार अगर हमारे मत विभाजित नहीं होते तो श्री भाऊराव गायकवाड कांग्रेस के उम्मीदवार को 3750 मतों से हराते। इसी से भाऊराव की काबिलियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। बताने में मुझेखुशी है कि विधिमंडल के लिए चुने गए सभी लोग काबिल हैं और विधिमंडल में लोगों को मन में जिनके प्रति आदर भावना है उनमें से एक श्री भाऊराव भी हैं।
हमने जिस स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की है उसकी आप में से हरेक को सहायता लेनी चाहिए। मैं चुनौती देकर कह सकता हूं कि मैंने राजनीति के बारे में बेहतर अध्ययन किया है। इसी अध्ययन के आधर पर मैंने स्वतंत्र लेबर पार्टी का कार्यक्रम तय किया है। इस कार्यक्रम के बारे में जिनके मन में आशंका हो वे मेरे यहां आएं। मैं उनके सारे शक दूर करूंगा। लेकिन इसके बजाय लोगों को गलत-सही जानकारी देने वाला व्यक्ति लफंगा ही होगा।खैर, काँग्रेस विश्वमित्र की माया है। मुक्तेश्वर ने माया का