113 31.12.1937 जुल्म ढाने वालों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहें - पंढरपुर - Page 85

64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

को अगर अपने हालात में सुधार लाना हो तो कानून बनाने की राजनीतिक सत्ता उन्हें हासिल करनी होगी। विधिमंडल में अगर वे निःस्वार्थी लोगों को नहीं भेजेंगे तो ठगे जाएंगे। इसीलिए विधिमंडल में हमें निःस्वार्थी लोगों को भेजना होगा। और इसके लिए हमें हमेशा संगठित रहना होगा। इसीलिए स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की गई है। आज काँग्रेस की सरकार कानून बनाती है। और काँग्रेस विश्वमित्र की मायावी दुनिया है। वहां जैसा कि मुक्तेश्वर ने वर्णन किया है चूहा बिल्ली का दूध पीता है, शेर और बकरी एक बिस्तर में सोते हैं, नेवला सांप को चूम रहा है आदि होता है। वहां सेठ-साहूकार कह रहे हैं कि वे रैयत का हित करेंगे। पूंजीपति कह रहे हैं। कि वे मजदूरों का कल्याण करेंगे। यह सब करना झूठ के ढोल पीटने जैसा है यह गरीबों को अलग से बताने की जरूरत नहीं है। सेठ, साहूकार हमारे हितशत्रु हैं। हमें इसका पैदाइशी ज्ञान है। काँग्रेस इसी तरह लोगों को झांसे देती रही है। इसीलिए मैं काँग्रेस में शामिल नहीं हुआ। इसीलिए मैं आपसे भी कहता हूं कि आप भी काँग्रेस से दूर रहिए।

आपके हित के कानून ले आना और उन्हें लाने के लिए संघर्ष करना मेरा कर्त्तव्य है। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि मैं अपना कर्त्तव्य पूरा करूंगा। लेकिन आपको भी अपने कर्त्तव्य की पूर्ति करनी होगी। मैं आपसे यही कहना चाहता हूं। आप जब तक अपना आंदोलन तेज नहीं करेंगे हमें सफलता नहीं मिलेगी। न हमारा जीवन सुखमय होगा।

तीसरा मामला यह है कि, अपनी उन्नति की कोशिश करते हुए हम पर जो जुतम होते हैं उनका निवारण हम कैसे करें? आप जानते हैं कि सारी दुनिया हमारे खिलाफ है। दुनिया का मुकाबला दो तरह से करना होगा। पहले हमें अपने मन से डर को हटाना होगा। जब-जब हम पर कोई जुल्म होगा तब जुल्म करने वाले का सामना करने के लिए बिना उठा भगाए तैयार होना पड़ेगा। वो होगा सो होगा, डरने की क्या बात है? आपके पास है क्या जिसे गंवाने का आपको डर होगा? आपको मौत से भी डरना नहीं चाहिए। आप इतने निडर बनेंगे तभी अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों का विरोध कर पाएंगे। हममें से जो युवा लोग हैं उन्हें अपने पहनावे में भी बदलाव लाना होगा। धोती की जगह छोटी पैंट और बदन पर एक कुर्त्ता यानी स्काऊट जैसा पहनावा आपको करना होगा। 18 से 40 साल तक की उम्र के हर एक को इसी तरह की पोशाक पहननी चाहिए। इससे भी आपकी मानसिकता में बेहद बदलाव आएगा। इसके अलावा जुल्मों से रक्षा के लिए हमें एक फंडखड़ा करना होगा। जो राशि इक्ट्ठा होगी उससे कानूनी मदद और पीडि़तों का दुख निवारण किया जा सकता है।

मेरी बताई सभी बातें करने के लिए आपको तैयार रहना होगा। और मुझे यकीन है