102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(ं1) प्रथम श्रेणी, दूसरी श्रेणी की उच्च सेवाओं में और अधीनस्थ सेवाओं में भी
कतिपय रिक्त स्थानपरीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण-पत्र देखकर मनोनयन
प्रणाली से भरे जाएं। ये मनोनीत पद एक चयन समिति की सिफारिश पर
भरे जाएं। इसमें उम्मीदवार की योग्यता की परख के लिए सक्षम व्यक्ति होंगे
और वे पूर्वोक्त सिविल सेवा अधिकारी के साथ मिलकर काम करेंगे। ऐसा
मनोनयन दलित वर्ग, मुसलमानों तथा गैर - ब्राह्मणों के लिए यहां उल्लिखित
पूर्वताक्रम से तब तक आरक्षित रहेगा, जब तक सेवा में उनकी संख्या एक
निश्चित अनुपात तक नहीं पहुंच जाती।
(2) इस बारे में कदम उठाएं जाएं कि मुख्यालय में इन समुदायों के अधिकारी
और अधिक संख्या में नियुक्त किए जाएं।
(3) एक केन्द्रीय भरती बोर्ड का गठन किया जाए। वह केन्द्रीय एजेंसी के रूप में
कार्य करे। वह नियुक्तियों और रिक्तियों के लिए सभी अर्जियों को रजिस्टर
में दर्ज करे और आवेदनकर्ताओं को उन कार्यालयों के संपर्क में रखे जहां
समय - समय पर रिक्तियां हैं या हों। यह जरूरी है कि नौकरी और उम्मीदवार
के बीच संपर्क बना रहे, यदि इस इच्छा को पूरा करना है। ऐसा बोर्ड नहीं
है। इसी कारण बंबई सरकार के प्रयासों को इस संबंध में वह सफलता नहीं
मिल सकी, जिसकी आशा उससे की जाती थी।