सिफारिशों का सारांश
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तीव्रता से किया जाना चाहिए। राज्य के विभिन्न विभागों की प्रकृति के अनुसार इसकी गति में परिवर्तन होना चाहिए। भारतीयकरण को वेतन तथा भत्तों के एक भिन्न मानक के साथ जोड़ा जाना चाहिए। सेवाओं के भारतीयकरण के दौरान ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि पिछड़े वर्गों की मांगों को पूरा किया जाए।
17 मई, 1929 डॉ. भीमराव अम्बेडकर
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