204 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
में दलित वर्गों के सर्वोत्तम प्रवक्ता रहे होंगे?
डॉ. अम्बेडकर : मेरा ऐसा विश्वास है।
- क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि जो तत्व दलित वर्गों के हितों के विरुद्ध रहे हैं, वे ही प्रभावी हो जाएंगे?
डॉ. अम्बेडकर : मैं इससे सहमत हूँ। इसीलिए मैं वयस्क मताधिकार चाहता हूँ।
- क्या आप समझते हैं कि वयस्क मताधिकार से उन तत्वों का प्रभाव नहीं रहेगा?
डॉ. अम्बेडकर : उनमें संतुलन बना रहेगा।
- मान लीजिए दलित वर्ग के किसी सदस्य के पास आवश्यक अर्हता है, तो क्या वह सामान्य निर्वाचन - क्षेत्र में मतदान करता है?
डॉ. अम्बेडकर : वह करता है।
- आपका मामला लेते हैं। क्या आप किसी सामान्य निर्वाचन-क्षेत्र में मताधिकार करने के लिए अर्ह होंगे?
डॉ. अम्बेडकर : जी हां। मैं और मेरे मित्र विश्वविद्यालय निर्वाचन-क्षेत्र से मतदान करते हैं।
- कर अदायगी के संबंध में क्या स्थिति है? एक बात कही गई है कि दलित वर्ग कर अदा नहीं करते हैं। जहां तक सीमा - शुल्क अथवा अन्य अप्रत्यक्ष करों का संबंध है, जिनके कारण वस्तुओं के मूल्य बढ़ सकते हैं, मेरे विचार में दलित वर्गों को भी अन्य जातियों की तरह बढ़ी हुई कीमतें अदा करनी होती हैं?
डॉ. अम्बेडकर : जी हां, इसके अलावा दलित वर्ग के लोग खासतौर से महार जाति के पास कुछ जमीन वतन पट्टे अथवा सामान्य पट्टे पर हैं और दूसरों की तरह वे भुगतान करते हैं, जिसे जूडी कहते हैं।
- मैं समझता हूँ कि बहुत से महार गैर - सरकारी सेवाओं में वेटरों के रूप में काम करते हैं?
डॉ. अम्बेडकर : जी, हां। परन्तु बहुत कम हैं और वे मुख्य रूप से शहरों में उद्योगों में काम करते हैं।
- उदाहरण के लिए किसी यूरोपीयन परिवार या क्लब में महार नौकरों के स्प में काम करते हैं?
डॉ. अम्बेडकर : जी, हां।
- क्या वे लोग किसी सामान्य निर्वाचन - क्षेत्र में मतदान कर सकते हैं?
डॉ. अम्बेडकर : यह मताधिकार की सीमा पर निर्भर हैं।
- सामान्यतः वेटर कोई योग्यता नहीं रखते?