2. प्रांतीय कार्यपालिका - Page 39

22 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

साथ इन्सानों से भी बदतर सलूक किया जाता है, फिर भी मैं कहता हूँ कि व्यक्तिगत रूप से मैं नहीं समझता कि कानून और व्यवस्था के हस्तांतरण से अल्पसंख्यकों को कैसे नुकसान होगा। मेरा विचार है कि यदि विधायिका में अल्पसंख्यकों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो, तो यह उनके हित में होगा कि कानून और व्यवस्था को हस्तांतरित कर दिया जाए। ऐसे हस्तांतरण से उन्हें उस विषय के प्रशासन पर नियंत्रण की शक्ति मिल जाती है, जो उन्हें आरक्षण की स्थिति में नहीं मिलती। कहा जाता है कि मालिक की देखरेख में एक बदमाश व्यक्ति बिना देखरेख वाले ईमानदार व्यक्ति से बेहतर काम करता है। मैं सोचता हूँ कि अल्पसंख्यकों को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए कि इस कथन में पर्याप्त सच्चाई है या नहीं। और मैं समझता हूँ कि यदि वे विचार करेंगे तो उन्हें महसूस होगा कि ऐसी जिम्मेदारी से मुक्त अत्यधिक अनुकरणीय व्यक्ति की अपेक्षा वे ऐसे निम्न श्रेणी के अधिकारियों को पसंद करेंगे जिन पर वे प्रभाव डाल सकें।

  1. अल्पसंख्यक लोग हस्तांतरण की तुलना में आरक्षण को क्यों पसंद करते हैं? इसका एक और महत्वपूर्ण कारण है। विधायिका में उनका प्रतिनिधित्व इतना कम है कि वे महत्वहीन हो जाते हैं। अल्पसंख्यकों को एक तरफ आरक्षण और प्रतिनिधित्व के अभाव तथा दूसरी तरफ हस्तांतरण और पर्याप्त प्रतिनिधित्व में से चुनाव करना है। यहाँ भी पहले विकल्प की अपेक्षा दूसरा विकल्प उनके लिए अधिक लाभदायक समझा ही जाना चाहिए। अतः कानून और व्यवस्था के हस्तांतरण का विरोध करने के बदले पर्याप्त प्रतिनिधित्व पर जोर देना अल्पसंख्यकों के हित में होगा। लेकिन यदि अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के बाद भी यह डर दूर नहीं किया जा सकता कि कानून और व्यवस्था के खराब प्रशासन से उनको हानि हो सकती है तो मैं अपनी सिफारिश में एक शर्त जोड़ने के लिए तैयार हूँ। इसके अनुसार यदि विधान परिषद् में कोई 40 प्रतिशत अल्पसंख्यक भी वोट द्वारा यह तय करें कि कानून और व्यवस्था को आरक्षित विषय होना चाहिए, तो इसे हस्तांतरित विषयों की सूची में से निकाल दिया जाएगा। मैं इस प्रस्ताव को बहुमत के प्रस्ताव से तरजीह देता हूँ क्योंकि मुझे विश्वास है कि यदि 20 अगस्त, 1917 की घोषणा में उल्लिखित उत्तरदायी शासन का सिद्धांत लागू करना है, तो कभी न कभी कानून और व्यवस्था के विषय को हस्तांतरित विषय बनाना होगा। प्रस्ताव तुरंत हस्तांतरण करने के मार्ग में बाधक नहीं है, साथ ही यदि अनुभव से पता चले कि इसके बारे में जो डर था वह सही है, तो यह हस्तांतरण को रद्द करने की संभावना को भी नहीं नकारता।
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कार्यपालिका की कार्यप्रणाली

  1. मंत्री स्तर के दायित्व पर आधारित एकीकृत शासन प्रणाली को लागू करने से चार महत्वपूर्ण प्रश्न उभरते हैं। इनमें से पहले प्रश्न का संबंध कार्यपालिका के स्थायित्व