82 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
क्या वजहें थीं?
दूसरा मुद्दा . मैं काँग्रेस सरकार में क्यों शामिल हुआ?
तीसरा मुद्दा- मैंने भविष्य में क्या करने की सोची है?
पहले मुद्दे के जवाब में मैंने कहा कि, त्रिमंत्री प्रतिनिधिमंडल के सामने शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन ने अलग चुनाव क्षेत्र की मांग की थी। दो कारणों से हमारी इस मांग को ठुकरा दिया गया- (1) मुस्लिम और सिक्खों की तुलना में हमारी पार्टी कमजोर थी। और, (2) हममें आपसी फूट भी थी। हमारे बीच कई धोखेबाज लोग थे।
त्रिमूर्ती मंत्रिमंडल के निर्णय से साबित यही हुआ कि दलितों का कोई अलग राजनीतिक अस्तित्व नहीं है। साथ ही मुझे ऐसा भी लगा कि, अगर राजनीतिक सुरक्षा नहीं है तो इसके मायने यही हुए कि शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन पर आया यह सर्वनाश का समय है। मेरे सामने गहरा अंधेरा फैला। तब से मैंने कोई मत नहीं रखा। मेरी चुप्पी की वजह यही है।
दूसरे मुद्दे के बारे में यही कहूंगा कि, मैं काँग्रेस का विरोधी था और समीक्षक भी, लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध करना मुझे कभी भी मंजूर नहीं था। आपसी सहयोग से अपना लाभ होने वाला हो तो हमें आपसी सहयोग की भावना के साथ ही बर्ताव करना चाहिए। इसीलिए काँग्रेस के साथ मैंने हाथ मिलाया। संविधान ने हमें जो सुरक्षा दी है उसे इस आपसी सहयोग के बगैर हासिल नहीं किया जा सकता था। मैंने जो कहा उसकी पुष्टि के लिए मैंने कुछ उदाहरण भी दिए।
मंत्रिमंडल में शामिल होने की वजह बताते हुए मैंने ये दो कारण दिए - पहला, मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए मुझे बिना किसी शर्त के आमंत्रित किया गया था और दूसरा कारण, बाहर रह कर करने के बजाय मंत्रिमंडल में शामिल होकर अस्पृश्यों के हितों की रक्षा करना ज्यादा आसान होता।
भाषण में मैंने बताया कि दलितों को इस बारे में डर नहीं पालना चाहिए कि पूर्वाग्रहों के कारण उनके बारे में बुरे कानून बनाए जाएंगे। डर पालना ही हो तो कानून के बुरे कार्यान्वयन के बारे में पालें। दलित वर्ग के लोग इस काम में शामिल नहीं हैं इसीलिए काम में गड़बडि़यां होती हैं। हमारे समाज के लोग सदियों से भोले-भाले और ईमानदार होते हैं। इस काम में सवर्ण लोग ज्यादा हैं इसलिए सरकार को दलितों के बारे में सहानुभूति नहीं है। इन सभी बातों पर गौर करने के कारण ही मैंने सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया।
अब तीसरा मुद्दा। मैंने कहा कि काँग्रेस में शामिल होने का कोई फायदा नहीं। तीसरा पक्ष बनकर रहने में ही ज्यादा सुरक्षा है। सरकार के तानाशाही रवैये पर उतर आने का