88 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 60ः
- संयुक्त सूची के विषयों से संबंधित कार्यकारी अधिकार - वर्तमान संविधान के अनुसार भारतीय प्रशासन कानून, 1935 के 7वीं सूची के भाग 1 और 2 के अनुसार संयुक्त सूची में शामिल विषयों के कार्यान्वयन के अधिकार केंद्र के पास हैं। मसौदा संविधान में समिति ने इसमें थोड़ा बदलाव किया है। और ‘इस संविधान में दर्ज किए गए स्पष्ट प्रबंध अथवा संसद द्वारा पारित कानून को दरकिनार कर प्रांतों को कार्यकारी अधिकार (जिनका जिक्र राज्य के तौर पर किया जाता है) दिए गए हैं। इससे विशिष्ट मामलों में कार्यकारी अधिकार केंद्र सरकार को दिए जाएं अथवा जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार किस तरह इन अधिकारों का उपयोग करे इस बारे में सूचना देने का अधिकार केंद्र सरकार को दिया जाए यह फैसला करने की स्वतंत्रता नए संविधान के तहत संसद के पास रहेगी। इसका प्रबंध करते हुए समिति ने जो बातें ध्यान में रखी हैं वह है- कार्यकारी प्रदत्त अधिकार की और कानून संबंधी अधिकार की व्याप्ती समान हो।’
अनुच्छेद 67ः
- र ाज्यसभा का गठन - संविधान सभा के निर्णय के अनुसार राज्यसभा की अधिकतम 250 सदस्य संख्या में से 25 सदस्य सूची में से या चुनाव-क्षेत्र से विशिष्ट उद्देश्यों के अनुसार चुननें होंगे। जिस देश की (आयरलैंड) पद्धति से सूची पद्धति स्वीकारी उस देश में वह असफल रहने के कारण समिति ने सोचा है कि विशेष ज्ञान प्राप्त या साहित्य, कला, विज्ञान आदि क्षेत्रों के अनुभव प्राप्त व्यक्तियों में से 15 व्यक्तियों को राष्ट्रपति द्वारा सदस्य के तौर पर नियुक्त किया जाए। श्रम, व्यापार या उद्योग इन विशेष क्षेत्रों के विशेष प्रतिनिधित्व के लिए सोचने की जरूरत नहीं क्योंकि वयस्क मतदान पद्धति के कारण उन्हें केंद्रीय संसद में हमेशा काफी प्रतिनिधित्व जरूर मिलेगा यही वास्तविकता है ऐसा समिति को लगता है।
अनुच्छेद 63 और 151ः
- केंद्रीय संसद और राज्य विधानसभा की समय-सीमा - समिति को लगता है कि संसदीय पद्धति के खास कर वयस्क मतदान पद्धति के आधार से निर्मित नए संविधान को लागू करते हुए शुरुआत में चार वर्षों से ज्यादा की समयावधि होना जरूरी है। नए मंत्रियों को प्रशासन के विवरण से परिचित होने के लिए कुछ समय लगता है और उनके कार्यकाल का आखिरी वर्ष अगले चुनावों की तैयारी में चला जाता है। योजनाबद्ध प्रशासन के लिए चार वर्षों की समयावधि में उन्हें मिलने वाला समय काफी नहीं होगा।
अनुच्छेद 107 और 200ः
- सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय - ब्रिटेन और अमेरिका में प्रचलित प्रथा के अनुसार कुछ खास परिस्थितियों में खास मामलों पर काम करने के लिए समिति