92 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 291-289
- चुनाव, मतदान का अधिकार आदि - चुनाव क्षेत्र तय करने के लिए मतदान से संबंधित विवरण संविधान में अंतर्भूत करने की जरूरत समिति को नहीं लगी। यह काम सहायक कानून मंडल को सौंपा गया है।
अनुच्छेद 304
- संविधान सुधार - समिति ने कुछ तय मामलों के संदर्भ में राज्य विधानसभा के लिए समिति वैधानिक अधिकारों के प्रबंधों को जोड़ा है।
अनुच्छेद 292, 294 और 305-
- अल्पसंख्यकों को सुरक्षा - विधानसभा और लोकसेवा में जगहें आरक्षित रखे जाने के बारे में सलाहकार समिति और संविधान सभा द्वारा लिए गए निर्णयों को मसौदे में शामिल किया गया है। ये प्रबंध भारतीय संस्थानों पर लागू नहीं होने के बावजूद भारत के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए भारतीय संस्थानों द्वारा वहां के अल्पसंख्यकों के लिए उसी तरह के प्रबंध अपनाएं। मसौदा समिति द्वारा मुझसे कहा गया है कि मैं इस महत्वपूर्ण मामले की तरफ आपका ध्यान दिलाऊं।
परिशिष्ट 1ः
- भाषावार प्रांत - पहले परिशिष्ट के पहले हिस्से और नीचे दी गई टिप्पणी की ओर मैं आपका ध्यान आकृषित करना चाहता हूं। संविधान को अंतिमतः स्वीकार करने से पूर्व अगर आंध्र अथवा किसी अन्य भाषाई प्रांत का इस परिशिष्ट में जिक्र करना हो तो भारत सरकार कानून के 1935 के अनुच्छेद 290 के तहत राज्यपाल के प्रांत के तौर पर अलग योजना बनाने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करनी होगी। अर्थात् नए संविधान में नए राज्य के निर्माण के प्रबंध हैं। हालांकि नए संविधान के लागू होने के बाद ही इस पर अमल किया जा सकेगा।
परिशिष्ट 5 और 6
21 अनुसूचित जाति ( S.C. ), [ अनुसूचित जनजाति ( S.T. ) ] अनुसूचित क्षेत्र और जनजाति क्षेत्र - इस विषय से संबंधित उपसमितियों की सिफारिष्टों समिति द्वारा परिशिशें में शामिल की गई हैं।
श्री अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर ने कुछ मुद्दों के बारे में (सैद्धांतिक उलझन पैदा किए बगैर) एक टिप्पणी अलग से की जो उनके विनम्र अनुरोध के अनुसार मसौदे में जोड़ी गई है।
इस मुश्किल काम को पूरा करते हुए समिति को संवैधानिक सलाहकार
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर राइटिंग एंड स्पीचेस, 13 खंड, पृष्ठ 95 से 104