255 4-11-1948 संविधान के तहत अगर कुछ गलत बातें होती हैं तो जिम्मेदारी संविधान की नहीं मनुष्य की दुष्टता की होगी - नई दिल्ली - Page 119

100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संविधान का उल्लंघन होता है। और, 2) इसे न्याय की सीमा का उल्लंघन माना जाएगा और इस बारे में न्याय केवल न्यायपालिका द्वारा ही किया जाएगा। संघराज्य का यह स्वरूप होने की वजह से संघराज्य संविधान पर कानूनी होने के आरोप से मुक्त नहीं। संघराज्य संविधान के ये दोष अमेरिका के संविधान में खुले तौर पर दिखाई देते हैं।

आगे चल कर संघराज्य प्रणाली को जिन देशों ने स्वीकार किया उन्होंने कठोर और कानूनी होने के मूलभूत दोषों से निर्माण हो रहे बुरे परिणामों को घटाने की कोशिश की इस संदर्भ में ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण दिया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के संविधान ने संघराज्य के स्वरूप की कठोरता कम करने के लिए निम्नलिखित उपायों का अनुसरण किया -

1) राष्ट्रसंघ की संसद को समवर्ती सूची के विषयों से संबंधीत कानून बनाने के

अधिकार देकर असाधारण विषयों से संबंधित कानून बनाने के अधिकार कम

किए।

2) अल्प समय के लिए कार्यान्वित होने वाले कुछ अनुच्छेदों पर अमल संसद द्वारा

तय किए गए समय तक ही लागू रहेंगे इस बात का प्रबंध किया गया।

यह बात साफ है कि ऑस्ट्रेलिया के संविधान के तहत ऑस्ट्रेलियन संसद ऐसी कई बातें कर सकती है जो अमेरिकन काँग्रेस के अधिकार में नहीं आतीं और उन्हें करने के लिए अमेरिका के प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय में जाना पड़ता है। इस प्रकार के अधिकार देने की तात्विकता ढूंढने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की क्षमता, कुशलता और इच्छा पर निर्भर रहना पड़ता है।

खुद ऑस्ट्रेलिया द्वारा जितना उपभोग नहीं किया गया उससे अधिक कठोर और कानूनी होने की तीव्रता कम करने के लिए मौजूदा संविधान ने ऑस्ट्रेलियन योजना पर गौर किया। ऑस्ट्रेलिया के संविधान की तरह ही कानून बनाने के समवर्ती अधिकारों की प्रदीर्घ सूची का इसमें समावेश किया है। आस्ट्रेलियन संविधान में समवर्ती विषयों की संख्या 39 है। मसौदा संविधान में वे 37 हैं। ऑस्ट्रेलियन संविधान के जैसे ही मसौदा संविधान में ऐसे 6 अनुच्छेद हैं जिनका प्रावधान तात्कालिक है और परिस्थितयों के अनुसार कभी भी संसद उनमें बदलाव कर सकती है। कुछ मामलों में कानून बनाने के अधिकार संसद को देकर मसौदा संविधान ऑस्ट्रेलियन संविधान से बहुत आगे निकल गया है। ऑस्ट्रेलिया की संसद को कानून बनाने के विशेषाधिकार दिए है। आस्ट्रेलियन संसद को केवल 3 विषय के लिए विशेषाधिकार प्राप्त हैं, लेकिन मसौदा संविधान में 91 विषय के लिए कानून बनाने का विशषाधिकार है। इस प्रकार प्रकृति से यह कठोर मानी जाने वाली संघराज्य प्रणाली को (federalism) मसौदा संविधान द्वारा जहां तक संभव हो, अधिक से अधिक लचीलापन दिया है।