118 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
शुरुआत में मुंबई प्रांत के अध्यक्ष भाऊराव गायकवाड़ ने डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर और श्रीमती सविताबाई अम्बेडकर का स्वागत करने और मुंबई इमारत फंड के लिए थैली समर्पित करने के लिए सभा बुलाने की बात कही। उसके बाद अलग-अलग संस्थाओं की ओर से डॉ. बाबासाहेब और श्री. सविताबाई को फूलमालाएं अर्पण करने के कार्यक्रम हुए।
पहले मुंबई प्रांतिक दलित फेडरेशन की सचिव आयुष्यमति गीताबाई गायकवाड़, कु. शांताबाई दाणी और अखिल भारतीय दलित फेडरेशन के महासचिव बापूसाहेब राजभोज के भाषण हुए। उसके बाद आधे घंटे तक डॉ. बाबासाहेब का सुमधुर तथा आशा से भरपूर भाषण हुआ।
उन्होंने कहा, ‘मेरे मित्र भाऊराव गायकवाड़ ने अपनी आदत के अनुसार मुझसे पूछा कि किसी सभा के आयोजन के लिए मुझे कोई आपत्ति तो नहीं? सभा के आयोजन के लिए मैंने हामी भरी।
मुझसे कहा गया कि मुंबई इमारत फंड के लिए चार हजार रुपयों की थैली अर्पण की जाएगी। मुझे चार हजार रुपयों का लालच दिया गया। (जोरदार हंसी) उम्मीद है कि सभा के अंत तक इसका खुलासा हो जाएगा।’
‘इधर कई दिनों से मैं राजनीति के बारे में बोलता नहीं हूं एकदम शांत हूं। क्योंकि आजकल मैं राजनीतिक बंधन में हूं। अन्य किसी भी समाज की तुलना में अस्पृश्य समाज राजनीति-ज्ञानी है इस बारे में मुझे कोई शक नहीं। (तालियों की गड़गड़ाहट)’ किसी भी समाज की उन्नति उस समाज के शैक्षिक विकास पर निर्भर करती है। राजनीतिक सफलता पाने के लिए जैसा कि मैं कहता रहा हूं हमारे समाज को बड़े ओहदों पर कब्जा करना होगा।
आरक्षित जगहें हमें नहीं मिली हैं इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी जनसंख्या सात करोड़ है। हम संगठित रहेंगे तभी अपना दल मजबूत होगा। एक बात हमेशा ध्यान में रखनी होगी। शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन अपना राजनीतिक संघ है। उसी के साथ हमें जुड़े रहना चाहिए। (तालियों की गड़गड़ाहट, जयघोष)। हम अल्पसंख्यक होंगे, लेकिन संघर्ष में हम अपनी जान की बाजी लगाएंगे। हम, डरें ऐसी कोई वजह नहीं। (तालियों की गड़गड़ाहट)
दूसरी बात यह कि हमें कभी दूसरे दलों के साथ गठजोड़ भी करना होगा। जो पार्टी हमारा कल्याण करेगी वही हमारी करीबी होगी। हमारे कार्यक्रमों से जिस पार्टी के कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा मिलेंगे उस पार्टी से गठजोड़ करने में कोई हर्ज नहीं। फिर चाहे वह पार्टी काँग्रेस हो, समाजवादी हो या बहुजन समाजवादी हो।
निजी स्तर पर काम करने जैसी और मूर्खता कोई नहीं। एक महत्वपूर्ण बात मैं आपसे