259 21-1-1949 केवल राजनीतिक विकास से जीवन के सवाल हल नहीं होते - औरंगाबाद - Page 144

 125

259

केवल राजनीतिक विकास से जीवन के सवाल हल नहीं होते

शेडयूल्ड कास्ट के इकलौते नेता और भारत सरकार के कानून मंत्री तथा काँन्स्टीट्यूशन मेकिंग बॉडी के अध्यक्ष डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, 21 जनवरी, 1949 के दिन औरंगाबाद के मराठा विद्यालय में आए।

‘मराठा समाज’ संस्था की ओर से इस अवसर पर उनके सम्मान के लिए सभास्थान को यथायोग्य सजाया-संवारा गया था।

पहले हाईस्कूल के स्वयं-सेवकों ने उनका अभिवादन किया। उसके बाद माणिकराव मोताले द्वारा स्वागत पर पद्य प्रस्तुत किए गए।

तदोपरांत संस्था के सभासद, कार्यकारी मंडल, आयु. वुशालराव मोताले वकील ने डॉक्टरसाहब के गुणानुवाद पर उन्हें पुष्पमालाएं अर्पण की। साथ ही आयु. राजभोज, ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के महासचिव और आयु. गायकवाड़, श्री सुब्बय्या आदि शेड्यूल्ड नेताओं को फूलमालाएं अर्पण की गईं।

संस्था के सचिव आयु. पंडितराव गव्हाणे (बी. ए. एल. एल. बी), वकील ने मानपत्र पढ़ कर सुनाया। उनके बाद तालियों की गडगडाहट के साथ वह डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को अर्पण किया गया। प्रशास्ति-पत्र के जवाब में डॉक्टरसाहब ने कहा,

किसान, मजदूर समाज को शिक्षित करने के लिए, उनमें शैक्षिक विकास हो, इसलिए मराठा हाइस्कूल जैसी संस्थाओं की आज बहुत जरूरत है। औरंगाबाद में इस तरह की संस्था खुल रही है इसका मुझे संतोष है।

हिंदू धर्मग्रंथों और उपनिषदों के कारण पीढ़ी दर-पीढि़यों से उच्च वर्ग की सेवा करना केवल यहीं तक अन्य पिछड़ों और अस्पृश्य का काम सीमित होकर रह गया है।

चतुण्वर्णीय व्यवस्था के कारण अस्पृष्य वर्ग पर घोर अन्याय हुए हैं। इन स्थितियों में बदलाव लाना जरूरी है। दलित समाज को कानूनन सम्मान का स्थान मिलना चाहिए और इसीलिए मन में स्वाभिमान की भावना जागृत करने वाली शिक्षा उन्हें मिलनी चाहिए।

अस्पृष्य वर्ग वुद सोचना सीखे। अस्पृश्य वर्ग का सम्पूर्ण विकास तभी संभव है जब प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर उनकी नियुक्ति हो। अब तक ऐसे पद केवल उच्च वर्ग के हाथ में रहे हैं।

दलित बंधूः 10 फरवरी, 1949