264 11-1-1950 विदेशियों की गुलामी अगर दुबारा झेलनी पड़े तो वह आत्मनाश ही होगा - मुंबई - Page 186

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अगर हमें करनी पड़े तो यह बात बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण और कष्टदायी होगी। इसीलिए, इस देश की आजादी की रक्षा करना भी हर एक व्यक्ति को अपना कर्तव्य मानना होगा।

इस देश पर अंग्रेज लोग राज करते थे। तब किसे क्या हक दें, किस दल को कब क्या अधिकार दें, इस बारे में वे ही निर्णय किया करते थे। उस वक्त हमने अन्य दलों के साथ दूरी बनाए रखी। लेकिन अब अंग्रेज नहीं हैं, इसलिए अन्य दलों के साथ मिल-जुल कर रहने की नीति हमें अपनानी होगी। सुलह, बातचीत आदि के जरिए उनके साथ अच्छे संबंध बनाए रखने होंगे। हम अल्पसंख्यक हैं, राज्य के संविधान के जरिए भले हमें कुछ जगहें मिलें, कुछ नौकरियां मिलें लेकिन हम रहेंगे अल्पसंख्यक ही। अगर सही ढंग से हमें अपना विकास करना है तो किसी न किसी दल के साथ अथवा वर्ग के साथ हमें हाथ मिलाना ही होगा अर्थात्, पुराना बैर और पुरानी शत्रुता हमें भुलानी पड़ेगी। हमारा शत्रु कौन है, मित्र कौन है यह पहचानना हमें आना चाहिए और हमें अपनी शक्ति बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। पहले जैसा अलग रहना अब नहीं चलने वाला।

काँग्रेस हो, सोशलिस्ट हो, किसान-मजदूर पक्ष हो - किसी भी दल के साथ सहमत होते हुए हमें एक बात का ध्यान रखना है कि हमारा संगठन न टूटे। व्यक्ति के तौर पर इंसान की कोई कीमत नहीं होती। आज काँग्रेस और राजनीति में मेरी जो पूछ है वह इसीलिए है कि मेरे पीछे शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन का संगठन है। जिस दिन इस संस्था का सहारा हट जाएगा उस दिन से राजनीति में मेरा स्थान भी खत्म हो जाएगा। इसीलिए, देश की रक्षा की भावना मन में रखते हुए भावी राजनीति के दोस्त-दुश्मनों का पहचानते हुए, अपना अस्तित्व बिना खोए चौकन्ने रह कर शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के नेतृत्व में हमें आगे बढ़ना होगा।

देश की राजनीतिक पार्टियों का भविष्य क्या है यह निश्चित तौर पर आज कोई नहीं बता सकता। चुनाव होने तक राजनीति किस करवट बैठेगी कोई नहीं कह सकता। चुनाव पैसों के बल पर लड़े जाते हैं। अब तक शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन ने जो राजनीति की उसमें पैसों का कोई स्थान नहीं रहा। इस दल के लोग दरिद्र तथा गरीब होने के कारण बड़ी रकम जुटने की कोई उम्मीद भी नहीं थी। लेकिन अब इस पार्टी के हर सदस्य को चार आने देकर एक चुनाव फंड खडा करना होगा। शेड्यूल्ड कास्ट्स फेडरेशन को अब फंड खडा करने का आंदोलन खड़ा करना होगा। ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट्स फेडरेशन व²कग कमेटी में इस का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। स्वयंसेवक अब इस काम के लिए घर-घर जाएं। भाइयों और बहनों आपने मेरा सम्मान किया इसके लिए आभार व्यक्त कर मैं आपसे विदा लेता हूं।