277 15-4-1951 अछूत समाज पर होने वाले अत्याचारों का दलित प्रतिनिधि पर्दाफाश करें - नई दिल्ली - Page 216

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अछूत समाज पर होनेवाले अत्याचारों का दलित

प्रतिनिधि पर्दाफाश करें

भारत सरकार के कानून मंत्री और बहुजन समाज के नेता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने रविवार दिनांक 15 अप्रैल, 1951 के दिन शाम दिल्ली में म्युटिनी रोड पर अम्बेडकर भवन की नींव का पत्थर रखा। यातायात मंत्री रफी अहमद किदवई इस कार्यक्रम के अध्यक्ष थे।

इस अवसर पर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने कहा-

‘‘दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि ब्रिटिश राज में बहुजन वर्ग के लिए जितनी सुरक्षा प्राप्त थी उतनी सुरक्षा भारत की अपनी राष्ट्रीय सरकार के राज में नहीं है। ब्रिटिश राज में अस्पृश्य वर्ग को 12 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव का पूरा अनुसरण किया जाता था। लेकिन आज उस प्रस्ताव की कीमत सादे कागज जितनी भी नहीं रही। ब्रिटिश राज में अस्पृश्य वर्ग के लिए 12 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले प्रस्ताव पर पूरी तरह अमल किया जाता था।

लोग कहते हैं कि हमें आजादी मिली है लेकिन अस्पृश्य वर्ग को आजादी मिली है यह मानने के लिए मैं तैयार नहीं हूं।

पंजाब में हमारे लोगों पर बुरे से बुरे जुल्म हो रहे हैं। इस तरह के जुल्म से परेशान चालीस लोग दिल्ली आए और राजघाट पर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया। दिल्ली के अखबारों ने इस खबर का पूरा बहिष्कार किया। इन लोगों ने करीब तीस दिनों तक अनशन जारी रखा लेकिन उनकी कोई खबर नहीं ली जा रही है यह देखकर उन्हें अनशन तोड़ना पड़ा। मुझे यकीन है कि जिन अखबारों ने उस खबर को नजरंदाज किया था वे ही दिल्ली में किसी बुढि़या के एक दिन के अनशन की खबर भी बड़े शीर्षक देकर छापी होती। लेकिन अस्पृश्यों की वे खबर नहीं लेते।

पंजाब में सिक्खों और अन्य लोगों द्वारा अस्पृश्य महिलाओं को भगाए जाने की

खबरें हैं। अस्पृश्यों पर विभिन्न तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाके में उन्हें ‘जमीन जोतने नहीं दी जाती, लकडि़यां काटने नहीं देते।

जिनसे दलित वर्ग के प्रतिनिधित्व की उम्मीद की जा सकती है ऐसे 10 सदस्य

जनताः 21 अप्रैल, 1951