204 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कॉलेज की कुछ विशेष नीतियों के बारे में पता चले इसलिए कॉलेज की कुछ खास बातें आपको मैं बताना चाहता हूं।
दर्ज करने योग्य बात यह है कि इस कॉलेज में लड़कों के साथ लड़कियां भी पढ़ रही हैं। सामाजिक पिछड़ापन और सहशिक्षा की गंध भी न होने वाले इस क्षेत्र में लड़कों की बराबरी में लड़कियों को भी शिक्षा देकर इस कॉलेज ने एक नई परंपरा की नींव डाली है। इस कॉलेज में सभी जाति और धर्म की लड़कियां पढ़ रही हैं। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिले और वे बड़ी संख्या में कॉलेज में पढ़ाई करें इसलिए शहर से कॉलेज तक आने के लिए कॉलेज की ओर से एक बस का भी प्रबंध किया गया है। इस कॉलेज के दरवाजे सभी धर्म के बच्चों के लिए खुले हैं। यहां किसी प्रकार जातिवाद नहीं। कॉलेज के प्रोफेसरों में सभी धर्मों और जातियों के प्रोफेसर हैं। छात्रों में विद्या, विनम्रता और चरित्र का निर्माण करना कॉलेज का लक्ष्य है।
अस्पृश्य और पिछड़े वर्गों के छात्रों की शिक्षा की ओर यह कॉलेज विशेष ध्यान देता है। जिस संघर्ष के लक्षण हम आज देख रहे हैं उस निम्न वर्ग और उच्च वर्ग के बीच के संघर्ष को टालने के लिए सभी कॉलेजों को यही करना होगा। अस्पृश्य छात्रों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। आज कॉलेज में 26 अस्पृश्य छात्र हैं और उनमें कुछ छात्राएं भी हैं।
एक साल की इस कॉलेज की प्रगति को देखकर यह साबित होता है कि ऐसे कॉलेज की इस क्षेत्र में जो कमी थी उसे इस कॉलेज ने पूरा किया है। 19 जून 1950 के दिन कॉलेज खुला तब केवल 140 छात्र थे। आज छात्रों की संख्या 332 है और जगह की कमी के कारण पहले वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया बंद करनी पड़ी।
कॉलेज को सभी साधन सम्पन्न बनाने के लिए सोसाइटी की गव²नग बॉडी ने कोई अवसर नहीं छोड़ा। कॉलेज द्वारा 1 लाख 26 हजार रुपए खर्च कर लेबोरेटरी बनाई और उसमें सभी प्रकार की सुविधा और उपकरण उपलब्ध कराए हैं। जानकार डेमोन्स्ट्रेटर की देखरेख में साइंस का हर छात्र खुद प्रयोग करता है।
कॉलेज को खुले एक वर्ष ही हुआ है और कॉलेज में एक सुसज्जित लाइरब्रेरी भी है उसमें कॉलेज के लिए जरूरी सभी पुस्तकें उपलब्ध हैं। सोसाइटी ने इस लाइब्रेरी पर चालीस हजार रुपए खर्च किए हैं और एक साल के अंदर ही चार हजार किताबें हैं। साहित्यिक और चौंसठ विषयों की पत्रिकाएं यहां उपलब्ध हैं। सोसाइटी चाहती है कि कॉलेज के छात्र तथा अनुसंधान करने वाले छात्रों के लिए यह लाइब्रेरी उपयुक्त हो।
छात्रों के शारीरिक विकास के लिए खेल और कसरत की ओर खास ध्यान दिया जाता है। छात्रों के वैज्ञानिक और बौद्धिक विकास की ओर भी ध्यान दिया जाता है। विज्ञान से संबंधित विषयों की ओर छात्रों का रुझान हो इसलिए तकनीकी, औद्योगिक