221
दिया जाता है उसी प्रकार अछूत लोगों को समाज से बाहर रखा गया, उन्हें किसी तरह के कोई अधिकार नहीं दिए गए। सवर्ण हिंदुओं ने जो अपमानजनक व्यवहार किया गया, उसे हजारों सालों तक हम सहते आए और अभी भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से हो रहे जुल्म सह ही रहे हैं।
कई सालों तक संघर्ष के बाद अब हमने कुछ राजनीतिक अधिकार पाए हैं। और उन्हें भारतीय संविधान में भी शामिल किया गया है। बीस सालों तक के लंबे समय तक मैंने गांधी जी के खिलाफ संघर्ष किया। हमें किसी भी तरह के अधिकार अलग से देने की कल्पना के खिलाफ थे वह। उनकी दलील थी कि अस्पृश्यों को अगर अलग अधिकार दिए गए तो वे हिंदू जीवनपद्धति में वे कभी भी शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा वे हमेशा के लिए हिंदुओं से छिटक जाएंगे। गोलमेज परिषद में भी हमारी अलग चुनाव क्षेत्र की मांग का गांधी जी ने विरोध किया। इसलिए इतने लंबे संघर्ष के बाद हमें कुछ राजनीतिक अधिकार मिले हैं। अब शेड्यूल्ड कास्ट के लिए जो जगहें आरक्षित हैं उन जगहों से हम अपने प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में भेज सकते हैं।
हमारे ये अधिकार हमसे छीनने के लिए कई पार्टियां काम कर रही हैं। अपने लोगों के लिए आरक्षित जगहों से अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए हमारे वोट उन्हें मिलें इसके लिए ये पार्टियां कार्यरत हैं। आप उनकी मंशा को अच्छी तरह समझ सकते हैं। उन्हें लगता है कि, शेड्यूल्ड कास्टस् के लोग जहां और जिस हालात में हैं वहीं और वैसे ही रहें वे सत्ता प्राप्त न करें, ताकि आज हमारे लोग जो घृणित काम करते हैं उन कामों को करने के लिए लोग न मिलें ऐसा न हो। इसीलिए आगामी चुनावों में आप लोगों को अपने वोट के बारे में सतर्क रहना होगा। हमारे वोटों के सहारे केवल हमारे सच्चे प्रतिनिधि ही चुने जाएं, कोई और नहीं। आप अगर इस बात के प्रति जागरुक रहें तो ही आपके जो अधिकार राज्य के संविधान में शामिल किए गए हैं वे सुरक्षित रहेंगे।
हमारे सच्चे प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में अगर चुनाव जीत कर नहीं जाएंगे तो हम आजादी को उपभोग नहीं कर पाएंगे। हमारे लोगों के लिए आजादी एक नाटक साबित हो सकती है। यह केवल हिंदुओं के लिए आजादी साबित हो सकती है। हमारे लिए नहीं। लेकिन अगर हमारे सच्चे प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में होंगे तो वे हमारे हित के लिए लड़ेंगे। हमारे दुख दूर करेंगे। केवल तभी हमारे बच्चों को योग्य शिक्षा मिल सकती है। तभी हमारी दरिद्रता नष्ट हो सकती है और तभी जीवन के हर क्षेत्र में हमें बराबरी का हिस्सा मिल सकता है। भारतीय संविधान में भले शेड्यूल्ड कास्ट के लोगों को खास हक दिए गए होंगे, इसके बावजूद अन्य पार्टियां खासकर काँग्रेस उसमें बिनावजह अड़ंगे डाल रही है। शेड्यूल्ड कास्ट के लिए आरक्षित जगहों पर वे चुनाव में अपने अनुचरों को खड़ा कर रहे हैं। काँग्रेस के टिकट पर चुनाव कर आने वाले लोगों