281 28-10-1951 हमारे सच्चे प्रतिनिधि अगर संसद तथा राज्यसभा में हों तभी वे हमारे हित में लड़ सकेंगे - लुधियाना - Page 241

222 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

को उनके मालिक की इच्छा के अनुसार चलना पड़ता है। इसलिए वे हमारे हितों की रक्षा कहां कर पाएंगे? क्या वे हमारे लिए कुछ कर पाएंगे?

अस्पृश्य लोगों के लिए आरक्षित जगहों पर काँग्रेस के टिकट पर संसद में चुनाव जीतकर गए सदस्यों की जानकारी मैं आपको देना चाहूंगा। उनकी संख्या करीब 30 थी और पिछले चार सालों से वे संसद में थे। इन 30 सदस्यों में से एक ने भी पिछले चार सालों में अस्पृश्यों की समस्या पर एक भी सवाल संसद में नहीं उठाया। किसी ने एकाध सवाल उठाया भी हो तो सभाध्यक्ष ने उसे अनुमति नहीं दी और वह विषय वहीं समाप्त हुआ। भूले-भटके कभी सभाध्यक्ष ने सवाल को संसद के कामकाज में शामिल करने की इजाजत दे भी दी तो काँग्रेस का मुख्य नेता संबंधित सदस्य के पास जाकर सवाल छपने से पहले ही उसे वापिस लेने के लिए कहा करते।

कभी भूले-भटके सवाल छप जाए तो उसका जवाब देने का समय जब आता तब सवाल उपस्थित करने वाले से नेता कहते कि वह सदन में अनुपस्थित रहे। इसलिए जिस सदस्य द्वारा सवाल उपस्थित किया गया उसी के अनुपस्थित होने के कारण उस पर चर्चा ही नहीं होती। पिछले एक महीने से संसद में बजट पर चर्चा चल रही है। इस दौरान कोई भी सदस्य चर्चा में सहभागी होते हुए अपने समाज के लिए फलां प्रबंध किया जाना चाहिए यह अपनी राय दर्ज कर सकता है। इतनी रकम अनावश्यक योजना पर खर्च हो रही है और फलां आवश्यक योजना की उपेक्षा की जा रही है इस ओर वह ध्यान दिला सकता है। इन चार सालों में किसी हरिजन सदस्य को मैंने ‘कटमोशन’ रखते हुए नहीं देखा है। यह सब काँग्रेस के डंडे के कारण होता है। सदस्य अगर कोई प्रस्ताव रखना चाहें तो उसे प्रत्यक्ष में रखने से बहुत पहले से मुख्य नेता से इजाजत लेनी पड़ती है। इन चार सालों में इन सदस्यों ने कभी कोई बिल प्रस्तुत नहीं किया। अस्पृश्य, भारतीय ईसाई और एंग्लो इंडियन आदि लोगों के लिए संविधान के द्वारा जो अधिकार दिए गए हैं उन्हें अगर काँग्रेस द्वारा उनके दुश्मनों ने कब्जा किया तो उस अधिकार का क्या फायदा?

मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि अगर आप काँग्रेस को चुनेंगे तो आपको हमेशा के लिए दुख भोगना पड़ेगा। काँग्रेस के टिकट पर चुन कर गए हमारे प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में मुंह सिलकर बैठे रहेंगे। शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन ही हमारा एकमात्र संगठन होने के कारण उसके टिकट पर चुन कर आने वाले हमारे सच्चे प्रतिनिधि ही हमारे हितों की रक्षा कर सकते हैं। काँग्रेस में रह कर भी अपने दुख दूर करने की कोई संभावना होती तो मैं उस संगठन को अपनाता। मैं जानता हूं कि काँग्रेस के पास बहुत पैसा है और मतों को खरीदने की वह कोशिश करेगी। लेकिन आपको इस बारे में सतर्क रहना होगा। मैं चाहता तो हमेशा के लिए काँग्रेस की सरकार में रहता। निश्चित रूप से मुझे वहां कोई अच्छी जगह भी मिलती, लेकिन उसे मैं तभी स्वीकारता जब मेरा