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में विचार किया जाना चाहिए और उन समस्याओं को कैसे सुलझाया जा सकता है इस बारे में भी विचार व्यक्त किए जाने चाहिए। काँग्रेस के घोषणा-पत्र में क्या ऐसा कुछ है? काँग्रेस के घोषणा-पत्र में केवल एक बात पर ही जोर दिया गया है और वह है मुस्लिम समस्या। इस मुद्दे पर क्या कभी सहमति हो सकती है? विभाजन से पूर्व, जब पाकिस्तान का अस्तित्व नहीं था तब भी मुसलमानों की समस्या थी। लेकिन तब भी देश के सामने केवल यही एक समस्या नहीं थी। बड़ी संख्या में मुसलमान पाकिस्तान चले गए और अब केवल हिंदू, सिक्ख और अन्य अल्पसंख्यक लोग भारत में बचे हैं। क्या आपको लगता है कि भारत अब मुस्लिम समस्या से ग्रस्त है? मुस्लिमों से दस गुना जो गरीब हैं, पिछड़े हैं ऐसे अस्पृश्यों के लिए कुछ करने की जरूरत नहीं है क्या इस बात को आप मान सकते हैं? अनुसूचित जाति, आदिवासी, अपराधी समुदाय घुमंतू आदि की ओर सरकार को सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए लेकिन काँग्रेस वाले लोगों से कहते हैं कि जातीवादी नहीं बनना चाहिए और पिछड़ी जातियों के लिए खास प्रावधानों की मांग नहीं करनी चाहिए। भारत की दूसरी समस्या है दरिद्रता। भारत के लोग बहुत गरीब हैं। वे इतने गरीब हैं कि 90 प्रतिशत लोगों को ठीक से खाना भी नहीं मिलता है। उन्हें कपडे नहीं मिलते हैं। उनके सिर पर छत नहीं है। हर साल करोड़ों रुपयों का अनाज विदेशों से आयात किया जाता है। हम कैसे टिक पाएंगे? लेकिन इन सभी बातों के लिए काँग्रेस वालों के पास कोई समय नहीं है। उनके सामने केवल एक ही समस्या है और वह है मुस्लिम समस्या।
मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आगामी चुनावों में हम शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं। शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन सभी पिछड़ी जातियों का प्रातिनिधि दल है। हर पिछड़े वर्ग को उसमें प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इस दल के बारे में किसी को डर नहीं पालना चाहिए। चमार और भंगी समान संख्या में हैं। हम एक ही जमात के लोग हैं इसलिए हमें आपस में झगड़ना नहीं चाहिए। सभी पुरुषों और महिलाओं से मैं विनति करना चाहता हूं कि मतदान के दिन सभी काम परे रख कर मतदान केंद्र पर जाकर मतदान जरूर करें। पहले ही हमारे वोट काफी नहीं हैं और उस दिन अगर आप मतदान नहीं कर पाएंगे तो हमारा भला नहीं हो पाएगा। हम प्रतिनिधित्व के बगैर रह जाएंगे। मतदान का दिन अनुसूचित जातियों के लिए जीवन-मृत्यु का दिन है।
आगामी चुनावों में हिस्सा लेने वाले हर राजनीतिक पक्ष को एक पक्षचिन्ह या पार्टी का निशान दिया गया है। हमारे फेडरेशन का चिन्ह हाथी है। हमारे लोगों के मन में किसी प्रकार की उलझन न पैदा हो इसलिए मैंने यह चिन्ह चुना है। कुछ दलों द्वारा बैल, घोड़े या गधे को चुना गया है लेकिन स्पष्टता के लिए मैंने हाथी को चुना है।
अपनी पसंद के एक ही उम्मीदवार को इस चुनाव के सभी मत नहीं दिए जा