281 28-10-1951 हमारे सच्चे प्रतिनिधि अगर संसद तथा राज्यसभा में हों तभी वे हमारे हित में लड़ सकेंगे - लुधियाना - Page 245

226 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

सकेंगे। क्योंकि इस बार एकत्रित (cumulative) मतदान पद्धति नहीं है। अब विभाजित (distributive) मतदान पद्धति है। इसीलिए अलग-अलग उम्मीदवारों को अपने वोट देने हैं। एक साधारण उम्मीदवार को और दूसरा आरक्षित जगह से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपना मत देना है। आरक्षित जगह से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को हम अपने दोनों मत नहीं दे सकते। उसे हम अपना एक मत ही दे सकते हैं। साथ ही साधारण जगहों पर खड़े किसी अन्य को हमें अपना दूसरा मत देना पडेगा। इसीलिए हमें ऐसे पक्ष से समझौता करना होगा जो अपना एक मत हमारे उम्मीदवार को दे और हम अपना एक मत उनके उम्मीदवार को दें। हमें किस दल के साथ हाथ मिलाना है यह हमने अभी तय नहीं किया है। कई दल हमारे पास चुनाव के लिए आए लेकिन किस दल के साथ हमें गठबंधन करनी है इस बारे में अभी हमने अंतिम फैसला नहीं किया है। बातचीत चल रही है। किसी से हाथ मिलाने से पूर्व हमें बहुत सोच-विचार करना होगा। हालांकि किसी न किसी से हमें समझौता तो करना ही होगा।

आखिर मैं आपसे यही कहना चाहता हूं कि पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा अन्य दूर-दूर के प्रदेशों से लोग दिल्ली में मेरे पास अपनी शिकायतें लेकर आते हैं। कुछ लोग बताते हैं कि जमींदार ने उनके साथ मार-पीट की और संबंधित अधिकारी से जब न्याय मांगा तो निर्णय उनके खिलाफ दिया गया। क्योंकि अधिकारी की जगह पर जो लोग थे वे सवर्ण हिंदू थे। ऐसी बहुत सी शिकायतें हैं जिनका निराकरण संभव नहीं, बिना रिश्वत के कोई जानकारी नहीं मिलेगी। इसलिए कई लोग निराश होकर अपने गांव चले जाते हैं। इसी वजह से मैंने तय किया है कि दिल्ली में एक इमारत बनाई जाए। वहां हमारा एक वकील रहेगा। वह अपने लोगों की शिकायतें सुन कर सलाह देगा। इससे पूर्व हमने इस काम के लिए दिल्ली में जमीन का एक टुकड़ा खरीद लिया है। उस जगह अब इमारत खड़ी करनी है। वही अपने फेडरेशन का कार्यालय होगा। बाहर से आने वाले लोगों का वहां स्वागत होगा। उनकी शिकायतें सुनी जाएंगी। इस इमारत के बनाने के लिए बहुत आवश्यक होने के बावजूद हमारे पास काफी पैसा नही है। इसीलिए आप सबसे मेरी विनति है कि आप अपनी क्षमता के अनुसार चंदा दें। इस प्रकार हम अपने उद्देश्य को पूरा करने में कामयाबी पा सकते हैं। दिल्ली के बाबा तुलादास निधी इकठ्ठा करने के लिए पंजाब का दौरा करेंगे। इस प्रकार हम अपने उद्देश्य में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। इस उदात्त काम के लिए आप सब उदार होकर मदद करें ऐसी विनति एक बार फिर मैं आपसे करता हूं।