236 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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सत्ता में आनेवाले प्रत्येक दल को जनता के सर्वांगीण हितों के
लिए ज्योतिबा फुले की नीति और प्रजातंत्रवादी
दर्शन ही अपनाना होगा
‘‘जनता’’ के 17 नवंबर, 1951 के अंक में की गई घोषणा के अनुसार डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के मनमाड़ और नासिक में सार्वजनिक सभाएं आयोजित की गईं। नासिक में उनके कार्यक्रम की शुरुआत दिनांक 17 नवंबर, 1951 को शाम 6 बजे हुई। उन्होंने कहा-
बहनों और भाइयों,
मेरे मित्र आयु. भाऊराव गायकवाड़ ने मुझसे विनति की है कि मैं आपसे दो शब्द कहूं। मेरा यह चुनावी दौरा है और मैं चुनाव के बारे में ही कुछ कहने जा रहा हूं। मेरी आपसे विनति है कि इस क्षेत्र से चुनावों में उतरे शे. का. फे. और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को ही आप अपना मत दें।
इस चुनाव में काँग्रेस को हराना बिल्कुल असंभव है ऐसा नहीं है। सब जानते हैं कि काँग्रेस में कितना असंतोष फैला हुआ है। आजाद सोच वाले नागरिक काँग्रेस पसंद नहीं करते। वह केवल गुलाम चाहती है। जिन लोगों को यह बात हजम नहीं होती वे काँग्रेस छोड़ देते हैं। देश में आज जितने दल हैं उनमें जनता को अत्यंत अप्रिय दल अगर कोई है तो वह है काँग्रेस।
इसके बावजूद मुझे डर है कि इस चुनाव में काँग्रेस ही जीतेगी। इसकी वजह एक ही है और वह है आज काँग्रेसविरोधी दलों में एकता नहीं है। कई पार्टियां हैं और हर पार्टी द्वारा अपने-अपने उम्मीदवार खड़े किए गए हैं। ये उम्मीदवार आपस में झगड़ेगे और उनके झगड़ों के कारण काँग्रेस विरोधी ताकतों का बल कम होगा और काँग्रेस की विजय होगी।
काँग्रेस विरोधी सभी दलों को एकजुट कर एक चुनाव क्षेत्र से काँग्रेस के खिलाफ एक ही उम्मीदवार खड़ा रहे ऐसा कुछ करने की मेरी इच्छा थी। लेकिन इतना समय नहीं था इसलिए इस बारे में की गई मेरी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। हालांकि जिन पार्टियों में ज्यादा एकजुटता है उनमें कम से कम चुनावों तक ही सही एकता लाने के
जनताः 8 और 15 दिसंबर, 1951