234 14-1-1946 क्षमतावान न भी हों तो चलेगा, लोग निष्ठावान होने चाहिएं - सोलापुर - Page 26

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जिले में जिवाप्पा ऐदाले को चुनाव में खड़ा किया है। जिवाप्पा केवल निमित्तमात्र है। मैं ही सब कुछ हूं। मुझे वोट दें। (तालियों की गड़गड़ाहट)

मैं जातिवाद के खिलाफ हूं। मांग और भंगियों के साथ मैं खाना खाता हूं। जातिवाद का मैं कट्टटर दुश्मन हूं। मैं चाहता हूं कि आपसी जातिवाद जल्द से जल्द मिटे। ब्राह्मणों द्वारा ये जातिवाद पैदा किया गया है। मेरे फेडरेशन में जातिवाद को हमेशा के लिए समाप्त किया गया है। मांग, भंगी, चमार आदि सभी के साथ मैं समानता से पेश आता हूं। महार जाति में पैदा हुआ यह मेरा दोष नहीं है। मुंबई में 90 प्रतिशत महार थे, लेकिन मुंबई में चमार समाज के देवरुखकर को मैंने खड़ा किया है। बढ़ई बढ़ई को वोट देगा, कासार (मनिहार) कासार को वोट देगा यह बिल्कुल नहीं चलेगा। सबको अपना वोट शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के उम्मीदवार को देना चाहिए। दूसरा उदाहरण, नासिक में 90 प्रतिशत महार हैं लेकिन वहां म्युनिसिपालिटी चुनावों में भंगी को खड़ा किया। महारों ने उसे जिताया।

खानदेश में एक मांग उम्मीदवार को टिकट दिया गया था। दुर्भाग्य से रास्ते में उसकी गाड़ी खराब हो गई। नॉमिनेशन पेपर दर्ज करने के लिए तय समय पर वह उपस्थित नहीं रह पाया। दो माह पूर्व अपने 30 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए विलायत भेजा। उनमें मांग, चमार, ढोर और भंगी भी हैं। मैं जातियों के बीच भेदभाव नहीं करता।

विजापुर, अहमदनगर, बेलगांव इन तीन जगहों पर जाना मेरे लिए संभव नहीं है। भारत के सभी प्रांत मुझसे ‘आप अभी तक हमारे यहां क्यों नहीं आए?’ सवाल करते हैं। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि मुंबई के इलाके में चौकाने वाला राजनीतिक विकास हुआ है। लगता है यहां विजापूर जिले से भी कुछ लोग आए हुए हैं। वे काले को अपना वोट दें और अहमदनगर के मतदाता रोहम को वोट दें।

मृत्यु का भय किसे है? एक गांगुर्डे मरा तो क्या हुआ? घायल अन्य 300 लोग मरें तो भी क्या? ‘तुम्हें गोली से उड़ा देंगे, तुम्हारा कत्ल कर देंगे’, जैसी धमकियों वाले गुमनाम खत न आए हों ऐसे मेरे लगातार छह महीने नहीं गुजरते। इन चुनावों में सबको चाहिए कि वे निडर रहें और गुलामी वत्म करने के लिए फेडरेशन के उम्मीदवार को ही अपना वोट दें। यह अखिल अस्पृश्य समाज की लड़ाई है। यह बात ध्यान में रखें। बिगुल बजने पर सेना में जिस प्रकार सभी सैनिक इकट्ठा होते हैं, उसी प्रकार हर स्त्री-पुरुष को पोलिंग बूथ पर जाकर अपने उम्मीदवार को वोट देना चाहिए।