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को, बच्चे-जवान-बूढ़ों को इस काम के लिए हरसंभव कोशिश करनी होगी। मुंबई की जनता अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप और तुरंत काम में जुट जाएगी ऐसी हमें उम्मीद है।
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा पूरा कर अब दिल्ली लौटे हैं। अब उनके पैर उनका पूरा साथ तो नहीं ही दे रहे हैं लेकिन इस दौरे के परिश्रम के कारण उनकी आंखों ने भी उन्हें अब परेशान करना शुरू किया है। उन्हें नेत्रविकार हुआ है। इसके बावजूद वह मुंबई और मध्यप्रांत के दौरे पर निकलना चाहते थे। लेकिन फेडरेशन के हाइकमांड की विनति के अनुसार थोड़ा आराम कर वह करीब 20 से 25 नवंबर, के आसपास मुंबई आएंगे। इतने कम समय में आप रात-दिन मेहनत कर अपने कोष का संकल्प पूरा कीजिए।
चुनाव कोष के लिए पुरुषों के लिए दो रुपए और महिलाओं के लिए एक रुपए के टिकट छाप कर वॉर्ड कमेटियों को दिए गए हैं।
प्रतिष्ठित नागरिक, बाबासाहेब के चाहने वाले और व्यवसाय-उद्यमी लोगों के बैठने की
खास व्यवस्था की जाने वाली है इसलिए, वे उदारता से चुनाव कोष में सहायता दें।
साथ ही विनति है कि महा. मुंबई के विभिन्न शिक्षा संस्थान, व्यायाम मंडल, कला थथक आदि जो भी संस्थाएं हैं वे इस चुनाव कोष में अपनी क्षमता के अनुसार चंदा दें। कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था सीधे डॉ. बाबासाहेब को गुलदस्ते, फूलमालाएं या चंदा नहीं दे सकेंगे।
बिना टिकट के किसी को भी सभापंडाल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस बारे में समता सैनिक दल को खास अधिकार दिए गए हैं।
सभा की तारीख, समय और जगह के बारे में जानकारी की जल्द ही घोषणा की जाएगी।
उसके अनुसार मुंबई के परेल में सेंट जेवियर कॉलेज के मैदान पर 22 नवंबर, 1951 के दिन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को मेले का स्वरूप प्राप्त हुआ था। हजारों अस्पृश्य महिलाओं और पुरुषों के जत्थे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के भाषण सुनने के लिए दोपहर तीन बजे से ही इकठ्ठा हो रहे थे। चुनाव में मदद देने हेतु इस सभा का आयोजन टिकट लगा कर किया गया था। डॉ बाबासाहेब आंबेडकर, माईसाहब अम्बेडकर के साथ ठीक साढ़े दस बजे पधारे। तब समता सैनिक दल ने उन्हें सलामी दी। आखिर हजारों लोग बिना टिकट के ही अंदर घुस आए।
मुंबई शेड्यूल्ड कास्ट्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष आयु. आर. वी. खरात ने शुरुआती भाषण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब के नेतृत्व में फेडरेशन का झंडा ऊंचा ही रहेगा। आयु. भातनकर ने डॉ. बाबासाहेब को चुनाव के लिए इकठ्ठा हुई रकम फेडरेशन