252 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
करे? किवदई में राजनीति अंशमात्र के लिए भी नहीं दिखाई दी।
जनतंत्र में किसी पार्टी के हाथ पूरी सत्ता नहीं होनी चाहिए। इसलिए विपक्ष की बहुत जरूरत होती है। इंग्लैंड, अमेरिका अथवा फ्रांस में दो या तीन दल होने के कारण जनतंत्र सफल हुआ है। इसी के लिए हम सोशलिस्ट और शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन मिल कर एक-एक मजबूत विरोधी मोर्चा खोलने की बात तय कर रहे हैं। हममें भले कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद हों लेकिन हममें काफी समानताएं हैं और खास बात यह है कि हमें इस प्रकार देश हित की साधना करनी है। देश में भले हम अपनी सरकार की स्थापना न कर पाए हों, सत्ता में जो पार्टी है उस पर अंकुश रख सकें ऐसा मजबूत विरोधी दल हम खड़ा कर सकेंगे।
भाषा के आधार पर प्रांतों की रचना में भी हमें झगड़ना पड़ेगा। क्योंकि, मुंबई शहर को महाराष्ट्र से अलग करने के खेल-खेले जा रहे हैं। नेहरू की राय भी इस मामले में महाराष्ट्र के प्रतिकूल है। हैदराबाद के विलिनीकरण के लिए नेहरू का विरोध है। इसलिए यह एक बड़ी गड़बड़ी ही साबित होने वाली है।