289 26-11-1951 सच्चाई को दरकिनार कर कृतज्ञ रहने को मैं मानवी व्यक्तित्व की हत्या मानूंगा - मुंबई - Page 275

256 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

लगता है? इस प्रकार दबाव नीति का इस्तेमाल करने वाली काँग्रेस आग के साथ खेल रही है। यही बात पैसे वालों की है। धनिक किसी पार्टी के चुनाव फंड में रकम देकर उस पर अपना अधिकार थोप रहे हैं। वे इस बात को ध्यान में रखें कि अंतिमतः यह घातक सिद्ध होगा। इसी प्रकार सरकारी अधिकारी सत्तापक्ष के सामने झुककर पेश आएंगे तो निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे। उन्हें अपना कर्तव्य निष्ठा के साथ और निष्पक्ष रह कर करना होगा।

कोई सरकार बिना गलती के काम नहीं करती। हर किसी से गलतियां तो होती ही हैं। लेकिन उसे दिखाने के लिए, जनता को मजबूत विरोधी पार्टी की आवश्यकता होती है। इंग्लैंड, कनाडा आदि देशों में प्रतिपक्ष को अधिकृत माना जाता है। उसके नेताओं को सरकार तनख्वाह देती है।

शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन और समाजवादी के चुनाव सहयोग के बारे में लोगों को बुरा क्यों लगता है इस बारे में मुझे आश्चर्य होता है। मैं अस्पृश्य जाति का हूं। उसी प्रकार मुझे राजनीति में भी अस्पृश्य रहना चाहिए क्या ऐसी इन लोगों की इच्छा है? मैं काँग्रेस में नहीं गया क्या इसलिए उन्हें बुरा लगता है?

जिस काँग्रेस ने इस देश का राजकाज साफ-सुथरा रखने की कोशिश तक नहीं की उस काँग्रेस को फिर से जिताना चाहिए या नहीं इस बारे में आप खुद फैसला कीजिए। ख्1,

जनताः 11 दिसंबर, 1951