291 21-12-1951 अल्पसंख्यक समुदायों के बुनियादी अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए - मुंबई - Page 278

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नियुक्त की समिति की सभा जिस दिन थी, उससे पहले वाले दिन मैं काँग्रेस के प्यादे मौलादा आजाद से मिला और उन्हें अल्पसंख्यकों की सभी समस्याओं की ओर उनके भविष्य संबंधी जानकारी दी। लेकिन मौलाना दूसरे दिन सभा में उपस्थित ही नहीं रहे। मुसलमान बंधू और अन्य अल्पसंख्यकों के मसलों के बारे में वहां मेरे अलावा और कोई बोल नहीं पाया। सभी चुपचाप देखते रहे, केवल मैं ही अकेला इस पक्ष में बोला तो जवाहरलाल नेहरू ने मुसलमानों को आरक्षण देने के मुद्दे का विरोध किया। इसीलिए आपको राजनीतिक अधिकार नहीं मिले।

काँग्रेस कहती है कि उनकी सरकार सभी धर्मों को समान मानने वाली सरकार है लेकिन असल में यह उनका सफेद झूठ है। किसी भी जाति पर धर्म और रूढि़यों पर किसी की प्रभुसत्ता न हो, हरेक के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहें इसका मैंने संविधान में प्रबंध कर रखा है। ध्यान में रखने वाली बात यह भी है कि इसके बावजूद लखनऊ जैसे शहरों में मुसलमानों की संख्या अधिक होने के बावजूद तथा वहां पचास मुसलमानों के चुनाव जीतने जैसे हालात होने के बावजूद काँग्रेस ने केवल दस-बारह मुसलमान उम्मीदवारों को ही खड़ा किया है।

सोचिए और खुद तय कीजिए कि इस चुनाव में किसे वोट देना है। मैं तो कहता हूं कि आप सोशलिस्ट और दलित फेडरेशन की सहायता करें और देश का भविष्य सुधारें। इस देश को बनाने में आपका योगदान मील का पत्थर साबित होगा ऐसा मुझे पूरा-पूरा विश्वास है।