292 23-12-1951 जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष हों - मुंबई - Page 279

260 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष हों

रविवार दिनांक 23 दिसंबर, 1951 के दिन समाजवादी पार्टी और शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन की ओर से मुंबई की चौपाटी पर सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में पांच लाख से भी अधिक भीड़ इकठ्ठा हुई थी। इस सभा को सम्बोधित करते हुए डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने कहा-

चुनाव से संबंधित कानून के पास होने के बाद विशुद्ध, स्वतंत्र और व्यवस्थित चुनाव होने के लिए दो सालों का समय लगने वाला था।

चुनाव संबंधी कानून बनने के बाद साल-दो-सालों में अगर चुनाव कराए जाते तो काँग्रेस के अलावा अन्य पार्टियों को एक प्रबल, काँग्रेस विरोधी पार्टी को संगठित करने का समय मिलता।

नेहरू मेरे इस आरोप का जवाब दें कि 1946 से काँग्रेस के पास अनियंत्रित सत्ता होने के बावजूद काँग्रेस सरकार लोगों का किसी प्रकार कल्याण नहीं कर पाई। अगले पांच सालों में वे क्या-क्या करने की सोचते हैं इसके बारे में भी वह बताएं। नेहरू के भाषण में इसका जवाब मिलता नहीं है। उसमें केवल हवाई बातें होती हैं कोई ठोस बात उसमें होती नहीं।

जेल जाकर या संघर्ष कर काँग्रेस ने आजादी पाई कहना बड़ा भ्रम पालने जैसा है। आजादी पाने के लिए मुख्यतः केवल सुभाष चंद्र बोस ही कारण बने। भारत की सेना की निष्ठा पर ही अंग्रेजों की सरकार खड़ी थी। बोस ने उस निष्ठा में ही बड़ा छेद किया, सेना में असंतोष फैलाया और आजाद हिंद सेना की स्थापना की। यह देख कर अंग्रेज चले गए।

काँग्रेस का 1942 का आंदोलन असफल रहा। 1942 का आंदोलन मैंने कभी छेड़ा ही नहीं था यह गांधी ने जो कहा था उसे काँग्रेस वाले भूल गए हैं। यह आंदोलन असफल रहा इसका एक और सबूत है कि आंदोलन के बाद गांधी ने वॅवेल का साक्षात्कार लेना चाहा तब वॅवेल ने इनकार किया था। 1921 से गांधी का इस प्रकार किसी वॉयसराय ने शायद अपमान नहीं किया होगा।

समाजवादी-शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन समझौते पर आधारित चलने वाले अखबारों

जनता, 29 दिसंबर, 1951