261
में छपी समीक्षा मैंने ध्यानपूर्वक पढ़ी है लेकिन मुझे उसमें कोई तथ्य दिखाई नहीं दिया। इन दोनों पक्षों के घोषणापत्र में कोई दोष दिखाने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। काँग्रेस को सफलता न मिले इसलिए समाजवादी और शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन ने एक-दूसरे की सहायता करना तय किया है। हालांकि कुछ मामलों को लेकर हमारे बीच मतभेद है लेकिन देश को बर्बरता की खाई से निकालना हो तो कांग्रेस और कटट्रपंथी हिंदुओं को चुनाव में हराना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। निष्पक्ष उम्मीदवार अगर मेरे पास आते तो मैं उन्हें समर्थन देता। लेकिन अब कोई निष्पक्ष उम्मीदवारों को वोट न दें।
आयु. अशोक मेहता ने पहले बोलते हुए विश्वास व्यक्त किया कि समाजवादी और शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन आगामी फरवरी में होने वाले चुनावों में मुंबई कार्पोरेशन पर अपनी जीत दर्ज करेंगे और मुंबई को एक नया शहर बनाएंगे। नेहरू समाजवादियों की राह का रोड़ा होने की राय भी उन्होंने प्रकट की। आयु. पुरुषोत्तम त्रिकमदास और कृष्णा हाथीसिंह के भी इस अवसर पर भाषण हुए।