294 31-5-1952 सत्ताधारी पक्ष के साथ मतभेद होने के बावजूद देश का कभी अपमान नहीं होने देंगे - मुंबई - Page 285

266 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मैं आमने-सामने भिड़ सकता हूं लेकिन विदेशियों के सामने या विदेश में, मैं कभी देश की बेइज्जती नहीं करूंगा मेरी पथदर्शक बुद्धि मुझे कभी भी यह अनुमति नहीं देती।

गांधीजी के साथ मैं गोलमेज परिषद में उपस्थित था। देश हित के लिए मैं उनसे आगे 200 मील चल रहा था यह भी मैं बताना चाहूंगा। ख्3,

दिनांक 31.5.2013 को टीडब्ल्यूए के हवाई जहाज से वे जाने वाले थे। मुंबई की शे. का. फे. की कार्यकारिणी ने उन्हें आदर सहित विदा करने के लिए एक परिपत्र किया था। वह परिपत्र पूरी मुंबई में बांटा गया। इसी प्रकार समता सैनिक दल ने उन्हें सलामी देने का निर्णय किया। उस दिन ग्यारह बजे हवाई अड्डे पर दोनों तरफ कतार बनाकर सैनिक

खड़े थे। परिपत्र की सूचना का पालन करते हुए हजारों लोग फूलमालाएं लेकर बाबासाहेब के दर्शन हों, इसलिए और उन्हें माला पहनाने के लिए सैनिकों के पीछे खड़े थे।

बाबासाहेब को विदा करने के लिए जिलों के कई नेता उपस्थित थे। पुणे के आयु. आर. आर. भोले, दौंड के आयु. आर. जी. वंडाले, कोल्हापूर के आयु. दादासाहब शिर्के, नासिक से आयुष्मती शांताबाई दाणी, द. सातारा से आयु. पी. टी. मधाले, नगर से आयु. पी. जे. रोहम, सोलापूर से आयु. एस. बी. बाबर, आयु. एन. एस. कांबले, पू. खानदेश से आयु. जी. एम. शेंदूर्नीकर, वेडा से आयु. आंबाभाई परमार, अहमदाबाद से आयु. पी. एम. पटणी, नगर से आयु. जी. टी. रुपवते, नासिक से आयु. ए. जी. पवार, सोलापूर से आयु. के. आर. जाधव और बी. सी. कांबले (एम एल ए), आयु. जी. के. माने, आयु. आर. जी. भंडारे, आयु. जी. एन. बाबरीया और आयु. भाऊसाहब अम्बेडकर खास उन्हें विदा करने के लिए उपस्थित थे।

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर माईसाहब अम्बेडकर के साथ ठीक साढ़े दस बजे हवाई अड्डे पर आए। उनके आते ही लोगों ने तालियां बजाकर ‘जय भीम’ का गर्जन किया। हर संस्था ने उन्हें फूलमालाएं पहनाईं और गुलदस्ते दिए। पहले श्री ससालेकर जी. ओ. सी. ने सलामी दी। उसके बाद सैनिकों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अपने परिचितों और अन्य उपस्थित लोगों के साथ चर्चा की। डॉ. बाबासाहेब तब बहुत ही प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।

ठीक पौने दो बजे टी. डब्ल्यू. ए. के अधिकारी उन्हें लेकर हवाई जहाज के पास गए। लोगों ने एक बार फिर बाबासाहेब जिंदाबाद, जयभीम का जयघोष किया। डॉ. बाबासाहेब ने फिर सबको धन्यवाद। ठीक दो बजे हवाई जहाज ने उड़ान भरी।

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का अमेरिका में सम्मान

दिनांक 6 को न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय का दीक्षांत महोत्सव संपन्न हुआ।

  1. डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर चरित्रः चा.ं भ. खैरमोडे, खंड 10वां, पृ. 283, 284 और 286.