298 28-9-1952 सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल जैसा नीच कृत्य कोई और नहीं - मुंबई - Page 299

280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

गए पैसों का हिसाब वे पक्का रखें। एक पैसे का भी घोटाला न हो इसका वे ख्याल रखें। सार्वजनिक पैसे का हिसाब ढंग से रख कर जनता को वह समय-समय पर दिखाना इससे जैसा पवित्र कार्य कोई और नहीं है। इसी प्रकार पैसों का गलत इस्तेमाल करने जैसा नीच काम कोई और नहीं है।

अपने समाज के पढ़े-लिवों पर से मेरा विश्वास उठ चुका है। इमारत फंड का सारा हिसाब मुझे मिलना चाहिए। आम लोगों पर, गरीब और अशिक्षित लोगों पर ही अब मुझे भरोसा है।

मैं जब तक मुंबई में हूं तब तक लोग मेरे बंगले पर पैसे लाकर दे सकते हैं। मेरे दिल्ली जाने के बाद श्री शांताराम अनाजी उपशाम, सचिव, शे. का. इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, मुंबई को पैसे दें। फिलहाल वे मेरे बंगले पर पैसे लेने का काम करते हैं। मेरे दिल्ली जाने के बाद उनका ऑफिस भारत भूषण प्रिंटिंग प्रेस में रहेगा। यह कह कर उन्होंने अपना भाषण पूरा किया।

आखिर आयु. जे. जी. भातनकर ने डॉ. बाबासाहेब और आयुष्मति माईसाहब के प्रति आभार प्रकट किया और सभी संस्थाओं की ओर से उनका फुलमालाओं से स्वागत किया। सबके प्रति आभार प्रकट करने के बाद सभा का काम पूरा हुआ।