292 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
जो विद्रोह किया उसके प्रति आप न्याय कर रहे हैं? मुझ पर आपकी जो श्रद्धा है, मेरे प्रति आपकी जो निष्ठा है वह शायद आपको मुझे दूसरी बार चुनावों में खड़ा करने के लिए आपसे कह रही है। इसके बावजूद क्या मेरी तरह के किसी व्यक्ति को जिसने कि इस बात की प्रतिज्ञा की है कि आनुवंशिक अधिकार अपने पास नहीं होने चाहिएं आपकी भावनाओं की बलि चढ़े यह निश्चय ही ठीक नहीं रहेगा। आखिर केवल दो बार ही उसे चुनावों में खड़े करने में लोगों को सफलता मिली। वह दुबारा खड़ा भी रहा लेकिन तीसरी बार जब लोग उसके पास गए तब उसने लोगों को हड़का दिया। मैं एक और उदाहरण आपको बताता हूं। जिसके वैवाहिक जीवन के बारे में अभी हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा था उस 8वें विंडसर एडवर्ड को आप जानते ही हैं। राउंड टेबिल कॉन्फरंस के लिए मैं जब वहां गया था तब इस विषय पर विवाद मचा हुआ था कि राजा को अपनी इच्छा के अनुसार किसी स्त्री के साथ शादी करने की इजाजत है क्या? वासकर वह (राजा) उसके साथ प्रतिलोम विवाह करने के लिए तैयार था। ताकि वह रानी न बन पाए या फिर अंग्रेज निजी अधिकारों को वारिज कर उसे पदत्याग के लिए मजबूर करें। मा. बाल्डविन राजा की शादी के खिलाफ थे। उसने राजा को इजाजत नहीं दी। उसने कहा आपने अगर मेरी बात नहीं मानी तो आपको पदत्याग करना होगा। मा. चर्चिल 8वें एडवर्ड के मित्र थे। वे इस बात में एडवर्ड को बढ़ावा दे रहे थे। लेबर पार्टी के लोग सोच रहे थे कि क्या इस मुद्दे के सहारे मा. बाल्डविन को हराया जा सकता है? क्योंकि कंजर्वेटिव पार्टी के बहुत से लोग अपनी निष्ठा के कारण राजा को अपना समर्थन देना चाहते थे। मुझे यह भी याद है कि प्रो लास्की ‘हेरॉल्ड’ में लेखमाला इसलिए लिख रहे थे कि लेबर पार्टी इस निर्णय से बचे। उनका कहना था कि - ‘‘हमारे संकेतों के अनुसार राजा को प्रधानमंत्री की सलाह माननी ही होगी। हमने हमेशा यह बात मानी है और राजा अगर प्रधानमंत्री की बात नहीं मानता तो प्रधानमंत्री को उसे हटा देना चाहिए। हमने जब इस संकेत को माना है तो अब राजा का अधिकार बढ़ाने वाले मुद्दे पर बाल्डविन को हराना गलत होगा।’’ लेबर पार्टी ने उनकी बात मानी। बाल्डविन को हराने वाली कोई बात उन्होंने नहीं की। उन्होंने कहा, ‘खेल के नियमों का उन्हें पालन करना होगा।’ इंग्लैंड का इतिहास अगर आप पढ़ें तो आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां सत्ता में होने वाले या विरोध में होने वाले विरोधियों को ऐसे मुद्दों पर पकड़ कर नुकसान पहुंचाने के मोहक मौके पार्टी प्रमुव के सामने थे, जिनसे उन्हें कुछ समय के लिए सत्ता की प्राप्ति होती।
लेकिन उन्होंने अपने को ऐसे मोह के शिकार होने से बचाया। क्योंकि, उन्हें अहसास था कि ऐसी बातों से उनके संविधान को और प्रजातंत्र को नुकसान पहुंचेगा।
मेरी राय में जनतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि जनतंत्र के नाम पर बहुमत वालों द्वारा अल्पमत वालों के साथ अन्याय नहीं किया जाना चाहिए। बहुमत वाले