301 25-12-1952 हक पाने के लिए महिलाएं अपने मन की दुर्बलता को त्याग कर, कमर कस कर आगे आएं - कोल्हापूर - Page 319

300 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

हिंदू कोड बिल की शुरुआत 1939 में हुई। तब से पिछले ग्यारह सालों से इस बिल के स्वरूप पर चर्चाएं हो रही हैं, ऐसे में उस बिल के टुकड़े-टुकड़े कर उसके स्वरूप को लेकर अफवाहें क्यों फैलाई जा रही हैं यह बात समझ में नहीं आ रही है।

आने वाले बिल की हर धारा को ठीक से पढ़ कर देखें। केवल अंतरजातीय विवाह के बारे में क्या लिखा है यह देख कर काम नहीं चलेगा। केवल वही एक धारा नई और अन्य कानून पुराने ही रहने से नुकसान हो सकता है। विजातीय विवाह से उत्पन्न संतति को अपने पुराने शास्त्रों के अनुसार संपत्ति में विरासत का अधिकार नहीं मिल सकता। इसीलिए, इस प्रकार पैदा हुई संतति को कानूनी वारिस ठहराकर उसे मालिकियत देने का प्रावधान भी कानून में होना चाहिए। इस बिल को लेकर एक बार फिर महिलाओं को आदेश देकर उन्होंने भाषण समाप्त किया।

आखिर आयुष्मती उर्मिलाताई सबनीस ने धन्यवाद प्रकट करते हुए आश्वासन दिया कि जिन छत्रपति ताराबाई ने करवीर राज्य की स्थापना की उस करवीर की महिलाएं इस आंदोलन में अग्रणी होंगी।