303 25-12-1952 भारत के हर गांव में दक्षिण अफ्रीका है - निपाणी (बेलगांव) - Page 321

302 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

303

भारत के हर गांव में दक्षिण अफ्रिका है

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने दिनांक 25 दिसंबर 1952 को बेलगांव जिले के निपाणी गांव में दक्षिण महाराष्ट्र के दौरे के साथ सभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा -

बहनों, और भाइयों-

कई दिनों से दक्षिण महाराष्ट्र के दौरे की बात चल रही थी जो आज साकार हुई है। वैसे, मैं आपके गांव आया या नहीं आया इस बारे में आपको बुरा-भला नहीं लगना चाहिए। मैं जहां भी रहूं आपको अपने आसपास के बारे में, अपने सवालों के बारे में खुद ही सोचना होगा। क्योंकि, अपने सवाल खुद ही हम तत्परता से हल कर सकते हैं।

1885 में काँग्रेस की स्थापना हुई। लेकिन हम काँग्रेस के आंदोलन से चार हाथ दूर ही रहे। क्योंकि, यह आंदोलन हम पर सामाजिक गुलामी थोपने वाले ब्राह्मणवर्ग द्वारा छोड़ा गया था। काँग्रेस का संगठन ब्राह्मणों का ही संगठन है यह हम जान चुके थे। पेशवाई के ब्राह्मणों की नीति से हम अच्छी तरह से वाकिफ हैं। पगड़ी देख कर न्याय करने वाले इन समाज सुधारकों में यदि हम शामिल होते तो हमें वे बरामदा ही देते। हम दीवनखाने में कभी प्रवेश नहीं कर पाते। अंग्रेजों के राज में खोए अपने स्वत्व को साबुत रखने के लिए काँग्रेस को स्वराज चाहिए था। लेकिन तब मराठा भी काँग्रेस के आंदोलन में शामिल नहीं थे। काँग्रेस ब्राह्मणों की थी तब मराठा नेता घबराए हुए थे। उन्हें अपने भविष्य के बारे में डर था। एक परिषद बुला कर उन्होंने मांग की कि हम मराठा वर्ग को आरक्षित जगहें दें। उनकी मांग के अनुसार उन्हें सात आरक्षित जगहें मिलीं। सभी ब्राह्मणेतरों का उन्होंने एक संगठन बनाया। आगे चल कर ये सभी ब्राह्मणेतर काँग्रेस में गए। क्योंकि, गांधीजी ने इस व्यवस्था को तोड़ दिया और मराठा नेताओं को लालच दिए। प्रलोभन से वे काँग्रेस में शामिल हो गए।

इसी प्रकार हमारे चमार बंधु अपने फायदे के लिए काँग्रेस में गए। स्वराज्य में हमें कुल 27 आरक्षित सीटें मुंबई राज्य में मिली हैं। उसमें 25 काँग्रेसी चमार जीतकर आये। उन्होंने आज तक लोकसभा में या एसेंब्ली में अस्पृश्यों के बारे में एक सवाल तक नहीं पूछा है।

एक मादा सिंह के दो पिल्ले हुए। उन्हें छोड़ कर वह जंगल घूमने गई। उसे पास में

3 जनवरी, 1953