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दलित अपने पर होनेवाले अन्याय-अत्याचारों का जी-जान से
विरोध करेंगे
नई दिल्ली में दिनांक 29 जनवरी, 1953 के दिन गुरु रविदास की 555वीं जयंति का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ा जनसमुदाय उपस्थित था।
इस अवसर पर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने कहा-
तेरहवीं सदी में गुरु रविदास हुए। उन्होंने दलित जनता के उद्धार के लिए बहुत प्रयास किए। दलितों पर होने वाले अत्याचार अन्याय अगर नहीं रुके तो हो सकता है कभी दलित जनता देश के हित-अहित के बारे में सोचे बगैर अपने ऊपर होने वाले अन्याय के प्रतिरोध में कदम उठाएगी। अपने न्याय के लिए हमें प्रवर संघर्ष करना होगा। दलित जनता के हकों पर दिनोंदिन अतिक्रमण हो रहा है और उन पर होने वाले अत्याचार बढ़ रहे हैं। यह हालात अगर तुरंत नहीं बदलते हैं तो हमें अपने उद्धार के लिए तुरंत दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा। अपनी हितरक्षा के लिए हम अगर निडर और समर्थ नहीं बन रहे हैं ऐसा अगर आपको लगता है तो आप गलत सोच रहे हैं।
जनताः 31 जनवरी, 1953