308 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है। साथ ही, एक और बात को ध्यान में रखिए कि किसी भी संगठन की ताकत उसके सदस्यों की संख्या पर निर्भर नहीं करती, वरन् सदस्यों की ईमानदारी, संगठन के साथ उनकी निष्ठा और अनुशासन के पालन पर वह निर्भर करती है। जिन्हें फेडरेशन की नीतियां पसंद नहीं हैं वे बेशक फेडरेशन छोड़ कर चले जाएं, लेकिन जो फेडरेशन के साथ रहना चाहते हैं वे पार्टी के अनुशासन को कभी भंग न करें और अन्य राजनीतिक पार्टियों के साथ या गुटों के साथ फेडरेशन की नीतियों के खिलाफ जाकर एकजुट और करार के बारे में बात न करें। साथ ही वे अपने हर व्यवहार में फेडरेशन के साथ ईमानदारी बरतें।