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चाहता। बुद्ध ने जातिभेद पर कठोर प्रहार किए। मैं ब्राह्मणों से द्वेष नहीं करता लेकिन - ‘ब्राह्मण झाला भ्रष्ट, तरी तो तिन्ही लोकी श्रेष्ठ’ यानी भ्रष्ट ब्राह्मण भी तीनों लोकों में श्रेष्ठ होता है यह मैं नहीं मानता, ब्राह्मण कहते है कि हम अगर भ्रष्ट भी हुए तो भी तीनों लोक में सबसे श्रेष्ठ ही हैं। ऐसे उसके विचार थे।
जातिवाद की जड़ें हमेशा के लिए उखाड़ फेंकने के लिए हमें हिंदू धर्म का त्याग करना जरुरी है। जो लोग आराम से जी रहे हैं वे शायद नहीं जानते कि उनके नीचे क्या सड़ रहा है। जातिवाद की समाज-रचना को अगर उखाड़ फेंकना हो तो हमें बौद्ध धर्म की सीख पर ही अमल करना होगा। यह बात मैं केवल ऊपरी तौर पर नहीं कह रहा बल्कि मन की गहराई से कह रहा हूं। पांडव जिस प्रकार वनवास के लिए गए थे तब उन्होंने अपने सारे अस्त्र एक शमी के पेड़ पर रवे और चुपचाप वनवास पर निकल गए थे। बाद में उन्ही शस्त्रों के सहारे उन्होंने पाराक्रम किए। उसी प्रकार हम भी अपने आयुध बाहर निकालेंगे। मैं अपना प्रचार केवल आप तक सीमित नहीं रखूंगा। पूरे हिंदू धर्म को इस नए क्षेत्र में लाने की कोशिश करूंगा। कहां तक सफलता मिलती है यह देखना है। मानवता की रक्षा के लिए भारत ही क्या पूरी दुनिया को आखिर इसी धर्म की ओर देवना पड़ेगा। इसीलिए बौद्ध धर्म का बाइबिल मैंने लिखी है जो जल्द ही प्रकाशित होगा।
उसे पढ़ने के बाद बौद्ध धर्म को स्वीकारना है अथवा नहीं इस बात का फैसला करना आपके हाथ में होगा। मेरा पूरा-पूरा विश्वास है कि केवल बुद्ध का धम्म ही विश्व को विनाश से बचा सकता है और समुच्चे जीवित प्राणियों का कल्याण कर सकता है। एक बार आपने जो मार्ग अपनाया उसे आपको याद रखना होगा। बुद्ध का एक विहार मैं मुंबई में बनाने वाला हूं। बुद्ध धर्म को पुनर्जीवित करने के लिए आइए, हम सब मिल कर इस मंगल अवसर पर प्रतिज्ञा करते हैं।